ऑस्ट्रेलिया में नए हिंदुस्तान की ताकत दिखाई दी।। ऑस्ट्रेलिया के पीएम ने स्टेडियम में तीस हजार लोगों के सामने कहा, मोदी इज द बॉस. सिडनी के कुडोस बैंक अरेना में प्रोग्राम तो ऑस्ट्रेलिया में बसे हिंदुस्तानियों के साथ पीएम नरेन्द्र मोदी के इंटरैक्शन का था, लेकिन इस प्रोग्राम में ऑस्ट्रेलिया की पूरी सरकार, विपक्ष के नेता और दूसरे दलों के नेता भी पहुंचे. यहां ऑस्ट्रेलिया के पीएम ने जो माहौल देखा, लोगों में जोश देखा, मोदी के प्रति लोगों की जो दीवानगी देखी, तो वो भी हैरत में पड़ गए।, लेकिन मोदी ने न राजनीति की बात की, न किसी की आलोचना की।, केवल हिंदुस्तान और हिंदुस्तानियों की बात की.
मोदी ने बताया कि आजकल दुनिया हिंदुस्तान को क्यों सलाम कर रही है।, उनकी गवर्नमेंट का मंत्र क्या है।, उनकी गवर्नमेंट के काम क्या हैं और उसका असर क्या हो रहा है? इस प्रोग्राम में मोदी ने आज जो कहा, उसे सुनना और देखना महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पता चलता है कि मोदी को अब वर्ल्ड लीडर क्यों बोला जाता है, मोदी के प्रति लोगों में इतना भरोसा क्यों है।। 2014 में जब मोदी पीएम बने थे, तो बहुत सारे लोग पूछते थे कि ये विदेश नीति कैसे चलाएंगे? ये बड़े-बड़े देशों के नेताओं से संबंध कैसे बनाएंगे? आज उन लोगों को देखना और सुनना चाहिए कि कैसे ऑस्ट्रेलिया के पीएम ने मोदी को बॉस कहा, केवल पिछले चार दिन में हमने देखा, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन मोदी को ढूढ़ते हुए आए और उन्हें गले लगाया. अमेरिका के प्रेसीडेंट ने बोला कि मोदी की लोकप्रियता इतनी है कि लगता है उन्हें भी मोदी का ऑटोग्राफ लेना पड़ेगा।।
पापुआ न्यू गिनी के प्राइम मिनिस्टर ने मोदी के पैर छुए, ये छोटी बात नहीं है।। पिछले नौ वर्ष में मोदी जिस भी राष्ट्र में गए।, उन्होंने वहां नेताओं से संबंध बनाए और हिंदुस्तान का मान बढ़ाया. इस बात में कोई संदेह नहीं कि मोदी के पीएम बनने के बाद पूरी दुनिया में हिंदुस्तान के प्रति लोगों का नजरिया बदला है. मैं जब भी विदेशों में रहने वाले भारतीय लोगों से बात करता हूं तो वो कहते हैं वि इस परिवर्तन को हर रोज अपने लाइफ में महसूस करते हैं, चाहे अमेरिका हो…।यूरोप हो या अफ्रीकी राष्ट्र हर स्थान भारत, भारतीय और भारतीयता का सम्मान दिखाई देता है और इसका बहुत बड़ा श्रेय नरेन्द्र मोदी को जाना ही चाहिए.
मोदी ने राष्ट्र के लिए प्रतिष्ठा हासिल करने के लिए बहुत मेहनत की बहुत दिमाग लगाया, छोटी छोटी चीजों का ध्यान रखा।।बड़े बड़े निर्णय लिए, और ये काम आसान नहीं था. आज यदि कोई राष्ट्र यूक्रेन और रशिया दोनों से आंख में आंख डालकर बात कर सकता है तो वो हिंदुस्तान है. मुसीबत के समय दुनिया का कोई राष्ट्र किसी दूसरे देश से सहायता की आशा करता है, तो वो हिंदुस्तान है. दुनिया के किसी भी कोने में फंसे अपने नागरिकों की सबसे पहले हिफाजत करता है,।तो वो हिंदुस्तान है. यदि तरक्की के लिए।, बढ़ते असर के लिए किसी राष्ट्र की मिसाल दी जाती है, तो वो हिंदुस्तान है. हिन्दुस्तान की ये पहचान नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में बनी है. इसीलिए नरेन्द्र मोदी को आज वर्ल्ड लीडर माना जाता है और ये मान सम्मान केवल तस्वीरों और स्पीचेज तक सीमित नहीं रहता. पूरे देश को इसका लाभ व्यापार में होता है।, टूरिज्म में होता है।, इन्वेस्टमेंट में होता है। जब किसी राष्ट्र का नेता बड़ा बनता है तो दुनिया में उसका मान बढता है, उसका लाभ राष्ट्र के ओवरऑल डेवलपमेंट को होता है. रोचक बात ये है कि पूरी दुनिया नरेन्द्र मोदी का स्वागत कर रही है…लेकिन हमारे राष्ट्र में अनेक विरोधी दल इस समय मिलकर मोदी को हराने।,मोदी को हटाने के फॉर्मूले खोज रहे हैं।।
कांग्रेस आम आदमी पार्टी का समर्थन क्योें नहीं करेगी
कोलकाता में मंगलवार को दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की और दिल्ली संबंधी अध्यादेश के विरोध के मामले पर उनकी पार्ची का समर्थन मांगा. ममता बनर्जी ने बोला कि अब समय आ गया है कि सभी विरोधी दलों को मिलकर मोदी का मुकाबला करना होगा।।क्योंकि मोदी लोकतंत्र के लिए खतरा हैं. केजरीवाल चाहते हैं कि मोदी गवर्नमेंट ने उच्चतम न्यायालय के विरूद्ध दिल्ली के LG को पुरानी पावर्स लौटाने के लिए जो ऑर्डिनेंश जारी किया है, सारे विपक्षी दल उसका विरोध करें. इसी सिलसिले में केजरीवाल पंजाब के सीएम भगवंत मान, दिल्ली गवर्नमेंट में मंत्री आतिशी, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा को लेकर ममता बनर्जी से मिलने पहुंचे थे. लेकिन दूसरी तरफ दिल्ली कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने खुलकर बोलना प्रारम्भ कर दिया है कि कांग्रेस पार्टी को किसी मूल्य पर किसी मामले पर केजरीवाल का साथ नहीं देना चाहिए.
दिल्ली कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अजय माकन ने बोला कि केजरीवाल जिस उच्चतम न्यायालय के आदेश को पलटने की बात कर रहे हैं, उसी उच्चतम न्यायालय ने अपने जजमेंट में साफ बोला है कि संसद के पास पूरा अधिकार है कि वो एलजी को कोई भी पावर दे सकती है, इसलिए केन्द्र गवर्नमेंट ने आर्डिनेंश जारी करके कोई गलत काम नहीं किया. केजरीवाल केवल अफसरों पर हुक्म चलाने की चाहत में इसे राजनीतिक रंग दे रहे हैं, जनता की लड़ाई बता रहे हैं, ये ठीक नहीं है. अजय माकन की बात को कांग्रेस पार्टी के एक और नेता संदीप दीक्षित ने बोला कि केजरीवाल ने हमेशा कांग्रेस पार्टी को हानि पहुंचाने की प्रयास की।, कांग्रेस पार्टी पर झूठे आरोप लगाए। इसलिए जब तक केजरीवाल सार्वजनिक तौर पर नहीं मानते कि वो झूठे हैं।।उन्होंने सत्ता के लालच में असत्य बोला, केजरीवाल को समर्थन देने की बात सोचना भी नहीं चाहिए. अजय माकन दिल्ली कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता हैं, इसलिए कांग्रेस हाईकमान उनके विरोध को अनदेखा नहीं कर सकता.
कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने बोला है कि कांग्रेस पार्टी ने अभी कोई निर्णय नहीं किया है, कांग्रेस पार्टी पहले दिल्ली यूनिट से बात करेगी।, उसके बाद कोई निर्णय लेगी. पंजाब कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रताप सिंह बाजवा ने भी बोला है कि आम आदमी पार्टी भाजपा की बी-टीम है, विपक्षी दलों को केजरीवाल से सावधान रहना चाहिए, वो कभी भी छल दे सकते है. कांग्रेस के नेताओं की चिंता तो जायज़ है।।क्योंकि केजरीवाल ने अपनी जमीन उन्ही राज्यों में बनाई जहां कांग्रेस पार्टी मजबूत थी. दिल्ली और पंजाब में केजरीवाल की पार्टी की गवर्नमेंट बन गई।और कांग्रेस पार्टी तीसरे नंबर की पार्टी बन गई. इसी तरह गुजरात, उत्तराखंड और गोवा में जहां कांग्रेस पार्टी का सीधा मुकाबला भाजपा से था, वहां केजरीवाल ने पूरी ताकत से चुनाव लड़ा और कांग्रेस पार्टी हार गई.
अब राजस्थान, मध्य प्रदेश।और छत्तीसगढ़ में चुनाव होना है, हरियाणा में अगले वर्ष चुनाव हैं, ।इन सभी राज्यों में भाजपा और कांग्रेस पार्टी आमने सामने हैं. केजरीवाल ने घोषणा कर दिया कि उनकी पार्टी इन राज्यों में भी चुनाव लड़ेगी. इसीलिए कांग्रेस पार्टी के नेता कह रहे हैं कि जब विधानसभा चुनाव में केजरीवाल कांग्रेस पार्टी को हानि पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं तो लोकसभा चुनाव में केजरीवाल कांग्रेस पार्टी के साथ की आशा कैसे कर सकते हैं. ये तो केवल एक पार्टी का झगड़ा है।। जब सीटों के बंटवारे की बात आएगी तो दूसरे राज्यों में विपक्षी एकता धरी रह जाएगी. ऐसा महाराष्ट्र में दिखने लगा है…वहां सीटों पर झंझट प्रारम्भ हो गया है।