- जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां जोरो पर
- जम्मू-कश्मीर में नवंबर 2018 के बाद से विधानसभा नहीं है
Jammu-Kashmir Election: जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर यहां महीने के अंत में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) की प्रथम-स्तरीय जांच (FLC) की जाएगी. उन्होंने बोला कि घाटी के सभी 10 जिलों के उपायुक्त और हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग का एक दल वर्कशॉप में भाग लेगा. एक अधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी जारी है. हालांकि, चुनाव की तारीख की घोषणा निर्वाचन आयोग द्वारा की जाएगी. जम्मू और कश्मीर में नवंबर 2018 के बाद से विधानसभा नहीं है. पीडीपी-भाजपा गठबंधन गवर्नमेंट के गिरने के बाद तत्कालीन गवर्नर सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग कर दी थी.
केंद्र और उपराज्यपाल प्रशासन कहता रहा है कि परिसीमन और अन्य चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे. इस वर्ष निर्वाचन क्षेत्रों की परिसीमन प्रक्रिया पूरी हो गई है और निर्वाचन आयोग ने पिछले महीने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया है. साल 2019 में जम्मू और कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म किए जाने के बाद पहली बार यह प्रक्रिया की जा रही है.
31 अक्टूबर तक जारी हो सकती है संशोधित मतदाता सूची
अधिकारियों ने बोला कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य पूरा होने के बाद चुनाव कराए जा सकते हैं. उन्होंने बोला कि इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं. अधिकारी ने कहा, “परिसीमन पूरा हो चुका है. मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम चल रहा है और इसके शीघ्र ही खत्म होने की आशा है. निर्वाचन आयोग ने संशोधित मतदाता सूची जारी करने के लिए 31 अक्टूबर की समयसीमा तय की है.” मतदान केंद्रों का ‘रेशनलाइजेशन’ भी किया जा रहा है और इस महीने इसके पूरा होने की आशा है.