अमेरिका दौरे के अंतिम में राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे जिसमें वह पत्रकारों के दो प्रश्नों के उत्तर देंगे. वाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रवक्ता जॉन किरबी ने ‘बड़ी बात’ बोला है. बता दें कि पीएम मोदी सीधे तौर पर किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के प्रश्नों का उत्तर नहीं देते हैं. वह सिर्फ खास मौकों पर होने वाले साक्षात्कार में ही प्रश्नों के उत्तर देते हैं. 2014 में पीएम बनने के बाद उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है. मई 2019 में वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल तो हुए थे लेकिन किसी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया था.
किसबी ने कहा, हम बहुत ही आभारी हैं कि पीएम मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हो रहे हैं. हमें बहुत खुशी है कि वह इसके महत्व को समझते हैं. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक शर्त है कि दो ही प्रश्न पूछे जाएंगे. एक प्रश्न अमेरिकी प्रेस की तरफ से होगा और दूसरा प्रश्न कोई भारतीय पत्रकार पूछ सकेगा.
बता दें कि वाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ्रेंस भी काफी कठोरता से होती है. अमेरिकी अधिकारी पहले ही पत्रकारों का चयन करते हैं. उन्हें सीमित प्रश्न करने की ही अनुमति होती है. बता दें कि बाइडेन पर उनके साथी डेमोक्रेट्स ने मोदी से मानवाधिकार को लेकर प्रश्न करने का भी दबाव बनाया था. हो सकता हैकि प्रेस कॉन्फ्रेंस पर मानवाधिकार पर बात हो.
बता दें कि पीएम बनने के बाद सेपांच बार अमेरिका जा चुके हैं. हालांकि यह उनकी पहली पूर्ण राजकीय यात्रा है. इस दौरान वह यूएस कांग्रेस पार्टी के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करने वाले हैं. पीएम मंगलवार की रात को अमेरिका पहुंचे थे. अमेरिका इस तरह का सम्मान अपने करीबी सहयोगियों को ही देता है.