नई दिल्ली। चीन में कोविड-19 वायरस के मुद्दे बढ़ने के साथ ही हिंदुस्तान में भी लोगों की चिंता एक बार फिर से बढ़ने लगी है। हालांकि केंद्र गवर्नमेंट राष्ट्र में कोविड-19 फिर से न बढ़े इसके लिए पहले से ही एहतियात बरत रही है। पीएम मोदी ने इस वर्ष के अंतिम मन की बात कार्यक्रम में लोगों से इस खतरे से सावधान रहने की राय दी है। लेकिन अब तक कोविड-19 के नए खतरे को लेकर गवर्नमेंट ने क्या क्या किया है। आईये जानते हैं।
इन राष्ट्रों से आने वाले लोगों के लिए जरूरी आरटी-पीसीआर टेस्ट
कोविड से बचाव के नियमों की श्रंखला में चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और थाईलैंड से आ रहे लोगों को जरूरी रूप से आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना होगा। इसके साथ ही राज्यों से 27 दिसंबर को मॉक ड्रिल करने के लिए भी बोला गया है ताकि मेडिकल ऑक्सीजन जेनेरेशन प्लांट्स समेत स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयार सुनिश्चित की जा सके।
शनिवार से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, इंदौर और गोवा आदि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर रैंडम टेस्टिंग प्रारम्भ कर दी गई है। इसमें हर एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों में से दो फीसदी की जांच की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बोला कि चीन और अन्य चार राष्ट्रों से आने वाले लोगों के टेस्टिंग में संक्रमित पाए जाने पर उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा।
कोविड -19 महामारी की स्थिति के मद्देनजर, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और बैंकॉक (थाईलैंड) के यात्रियों को अपनी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट हिंदुस्तान की यात्रा के लिए अपलोड करनी होगी।
मंडाविया ने गुजरात के गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा, “भारत में लैंड करने के बाद, उन्हें थर्मल स्क्रीनिंग करानी होगी और पॉजिटिव पाए जाने या बुखार आने पर उन्हें क्वारंटीन में रखने का आदेश जारी किया है।”
एयर सुविधा पोर्टल
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बोला कि इन राष्ट्रों से आने वाले यात्रियों के लिए अपनी स्वास्थ्य स्थिति बताने के लिए ‘एयर सुविधा’ फॉर्म भरना जरूरी किया जाएगा।
एयर सुविधा पोर्टल अगस्त 2020 में लॉन्च किया गया था जिसके माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को अपनी यात्रा, कोविड टीकाकरण और परीक्षण की स्थिति का विवरण प्रस्तुत करना था लेकिन इस वर्ष नवंबर में इसे बंद कर दिया गया।
मामलों में कमी और व्यापक टीकाकरण के चलते, नवंबर तक अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए जरूरी आरटी-पीसीआर परीक्षण भी बंद कर दिए गए थे।
मांडविया ने बोला कि केंद्र गवर्नमेंट Covid-19 के विरूद्ध कदम उठा रही है क्योंकि दक्षिण कोरिया, हांगकांग, यूरोप, अमेरिका और ब्राजील जैसी जगहों पर मुद्दे बढ़ रहे हैं।
ऑक्सीजन की उपलब्धता पर है जोर
अप्रैल 2021 में Covid-19 की दूसरी लहर के दौरान राष्ट्र के सामने आई विपत्ति की यादें अभी भी दिमाग में ताजा हैं। केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से बोला कि ऑक्सीजन से संबंधित मुद्दों और चुनौतियों के तुंरत निवारण के लिए ऑक्सीजन कंट्रोल रूम को फिर से मजबूत किया जाना चाहिए। साथ ही मामलों में किसी भी उछाल के कारण स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों में वृद्धि को पूरा करने के लिए Covid-19 स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्परता सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को सभी स्वास्थ्य सुविधाओं पर मॉक ड्रिल आयोजित की जानी चाहिए।
राज्यों के लिए चेकलिस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों को कोविड की स्थिति पर कड़ी नज़र रखने के निर्देश दिए हैं और साथ ही बोला है कि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर चल रहे नज़र तरीकों को मजबूत किया जाए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने के लिए बोला है कि प्रेशर स्विंग एडजॉर्शन (पीएसए) ऑक्सीजन पैदा करने वाले संयंत्रों को पूरी तरह चालू रखा जाए और उनकी जांच के लिए नियमित मॉक ड्रिल आयोजित की जाएं।
जमीन पर स्थिति क्या है?
मंडाविया ने एक ट्वीट भी किया, जिसमें बोला गया है, “दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चीन, हांगकांग, बैंकॉक, जापान, दक्षिण कोरिया सहित अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सैंपल टेस्टिंग प्रारम्भ की गई है। कोरोनावायरस की बढ़ती स्थिति को देखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।” शनिवार को दोहा से चेन्नई हवाई अड्डे पर इंडिगो की फ्लाइट से पहुंचे एक यात्री ने बोला कि हवाई अड्डे पर कोविड परीक्षण प्रक्रिया ठीक से हो रही थी।
चेन्नई हवाईअड्डे ने अपने अनुभव साझा करते हुए यात्री की एक वीडियो क्लिप ट्वीट की और बोला कि वह “बिना किसी कठिनाई के हो रही टेस्टिंग की प्रक्रिया से खुश हैं।”