प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नेशनल लॉजिस्टिक नीति को लॉन्च किया है. इस दौरान पीएम ने अपने संबोधन में बोला कि विकसित हिंदुस्तान निर्माण के लिए यह एक जरूरी कदम है. उन्होंने बोला कि आजादी के अमृत काल में आज राष्ट्र ने विकसित हिंदुस्तान के निर्माण की तरफ एक जरूरी कदम उठाया है. हिंदुस्तान में राष्ट्र में लास्ट माइल डिलीवरी तेजी से हो, ट्रांसपोर्ट से जुड़ी चुनौतियां खत्म हों, हमारे निर्माताओं और उद्योगों का समय और पैसा बचे इसका निवारण खोजने का कोशिश चला है और इसका स्वरूप राष्ट्रीय रसद नीति है. मोदी ने बोला कि हिंदुस्तान मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है. दुनिया ने हिंदुस्तान को मैन्युफैक्चरिंग में लीडर के रूप में स्वीकार किया है. राष्ट्रीय रसद नीति ने विनिर्माण क्षेत्र की सहायता की है.
मोदी ने बोला कि एक नीति अपने आप में रिज़ल्ट नहीं है. यह आरंभ है. नीति + प्रदर्शन = प्रगति. उन्होंने बोला कि मेक इन इण्डिया और आत्मनिर्भर होते हिंदुस्तान की गूंज हर तरफ है. हिंदुस्तान एक्सपोर्ट के बड़े लक्ष्य तय कर रहा है, उन्हें पूरे भी कर रहा है. हिंदुस्तान मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है. ऐसे में नेशनल लॉजिस्टिक नीति सभी सेक्टर्स के लिए नयी ऊर्जा लेकर आई है. उन्होंने बोला कि राष्ट्रीय रसद नीति सुविचारित है और 8 सालों की कड़ी मेहनत के बाद बनाई गई है. मोदी ने बोला कि एक नीति अपने आप में रिज़ल्ट नहीं है. यह आरंभ है. नीति + प्रदर्शन = प्रगति. उन्होंने बोला कि मेक इन इण्डिया और आत्मनिर्भर होते हिंदुस्तान की गूंज हर तरफ है. हिंदुस्तान एक्सपोर्ट के बड़े लक्ष्य तय कर रहा है, उन्हें पूरे भी कर रहा है. हिंदुस्तान मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है. ऐसे में नेशनल लॉजिस्टिक नीति सभी सेक्टर्स के लिए नयी ऊर्जा लेकर आई है. उन्होंने बोला कि राष्ट्रीय रसद नीति सुविचारित है और 8 सालों की कड़ी मेहनत के बाद बनाई गई है. मोदी ने बोला कि गवर्नमेंट ने टेक्नोलॉजी की सहायता से भी रसद क्षेत्र को मजबूत करने का कोशिश किया है. ई-संचित के माध्यम से paperless EXIM trade process हो, Customs में faceless assessment हो, e-way bills, FASTag का प्रावधान हो, इन सभी ने रसद क्षेत्र की दक्षता बेहद बढ़ा दी है.