नई दिल्ली: भारत-चीन बॉर्डर पर अब भी तनाव जारी है. कई मुद्दों पर दोनों पड़ोसी देशों के बीच मतभेद दूर नहीं हो रहे हैं. इस बीच हाल ही में विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए बोला था कि हिंदुस्तान गवर्नमेंट और विदेश मंत्रालय चीन के विरूद्ध खुलकर नहीं बोलता है. इसके उत्तर में मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बोला है कि चीन का सार्वजनिक तौर पर नाम लेने से वे नहीं डरते हैं.
इस पर जयशंकर ने उत्तर देते हुए बोला कि भारत-चीन बॉर्डर पर स्थित असली नियंत्रण रेखा (LaC) पर सेना भेजने का निर्णय राहुल गांधी का नहीं, बल्कि मोदी गवर्नमेंट का ही था. जयशंकर ने बोला कि, LaC पर भारतीय इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी तैनाती हुई है. उन्होंने चीन को लेकर राहुल गांधी के बयान पर बोला कि विपक्ष में कुछ लोग असत्य फैलाते रहते हैं. उन्हें जमीन वास्तविकता की कोई जानकारी नहीं होती है. एक इंटरव्यू में जयशंकर ने बोला कि कांग्रेस का यह आरोप सरासर गलत है कि पीएम मोदी और उनकी गवर्नमेंट के मंत्री चीन का नाम लेने से डरते हैं. उन्होंने बोला कि ‘मैं तो लेता हूं नाम और अब भी चीन का नाम ले रहा हूं.’
बता दें कि, चीन-भारत की बॉर्डर पर तनाव के बीच हिंदुस्तान गवर्नमेंट ने हाल ही में 9,000 जवानों को इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में शामिल करने की स्वीकृति दे दी है. इससे हिंदुस्तान की चीन बॉर्डर पर सुरक्षा और सशक्त हो सकेगी. बता दें कि, भारत-चीन सरहद पर सुरक्षा के लिए सबसे आगे ITBP के जवान ही तैनात रहते हैं. इसके साथ ही 7 नयी बटालियन और एक नया सेक्टर हेडक्वार्टर भी स्थापित किया जाएगा.