नए वर्ष की आरंभ हो चुकी है। नए वर्ष में कुछ नयी चीजें भी जरूर होने वाली है। साथ ही नए वर्ष में केंद्रीय बजट भी केंद्र गवर्नमेंट की ओर से पेश किया जाने वाला है। अब कुछ हफ्तों के बाद केंद्र गवर्नमेंट की ओर से राष्ट्र के लिए बजट 2023-24 पेश किया जाएगा। हालांकि इसी बीच केंद्र गवर्नमेंट ने कई वादे भी पूरे किए हैं। केंद्र गवर्नमेंट की ओर से पिछले वर्ष पेश किए गए बजट 2022-23 में जो घोषणा किए गए थे, उनकी भी पूर्ती की गई है।
इनकम टैक्स
अब गवर्नमेंट की ओर से बताया भी गया है कि उन्होंने जो बजट 2022-23 में वादे किए थे, उनको पूरा किया गया है। इसी क्रम में गवर्नमेंट की ओर से बताया गया है कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को प्रोत्साहन देते हुए सहकारी समितियों के लिए वैकल्पिक न्यूनतम टैक्स को घटाया गया है और इसे घटाकर 15% कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त सरचार्ज भी घटाया गया है। सरचार्ज को 12% से घटाकर 7% कर दिया गया है। इससे हजारों लोगों को लाभ मिला है
केंद्रीय बजट
सहकारी समितियों के लिए इनकम टैक्स विभाग द्वारा किए गए सुधार से काफी लोगों को फायदा मिला है। सहकारी समितियों के लिए वैकल्पिक न्यूनतम टैक्स को घटाकर 15% कर दिया गया है ताकि उन्हें कंपनियों के बराबर लाया जा सके। वहीं सहकारी समितियों के लिए इनकम टैक्स विभाग के जरिए किए गए सुधार में 1 करोड़ रुपये से अधिक लेकिन 10 करोड़ रुपये से कम आय वाली सहकारी समितियों के लिए सरचार्ज 12% से घटाकर 7% किया जाना भी शामिल है
इनकम टैक्स विभाग
इसके साथ ही कटौती की अनुमति देने के लिए धारा 80डीडी में संशोधन किया गया है, जहां माता-पिता/अभिभावकों के जीवनकाल के दौरान दिव्यांग आश्रितों को वार्षिक रकम और एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाता है। इसके साथ ही सरचार्ज/सेस पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया गया कि कर योग्य आय की गणना में कटौती के तौर पर सरचार्ज/सेस स्वीकार्य नहीं है। तदनुसार पिछले साल की आय की पुनर्गणना के लिए आवेदन करने हेतु करदाताओं के लिए संबंधित फॉर्म अधिसूचित कर दिए गए हैं