केंद्र गवर्नमेंट ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) अनिल चौहान को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया है. जनरल बिपिन रावत के मृत्यु के बाद से CDS का पद खाली था, जिसके बाद अब चौहान राष्ट्र के दूसरे CDS होंगे. सेना में 40 सालों तक अपनी सेवाएं देने वाले अनिल चौहान पिछले वर्ष ही सेवानिवृत हुए थे. और अब वह 30 सितंबर को बतौर सीडीएस कार्यभार संभालेंगे.
रक्षा मंत्रालय की ओर जारी दी गई जानकारी के अनुसार, वह हिंदुस्तान गवर्नमेंट के सेना मामलों से जुड़े विभाग के सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे. लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान पूर्वी कमान के ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ रह चुके हैं. उन्होंने 1 सितंबर 2019 को यह पद संभाला था. वे इंडियन आर्मी के DGMO रह चुके हैं. लेफ्टिनेंट जनरल चौहान 1981 से 2021 तक सेना में विभिन्न पदों पर रहे.
यह संयोग हैं कि जनरल विपिन रावत (पहले CDS) भी उत्तराखंड से ताल्लुक रखते थे, वंही नवनियुक्त (दूसरे CDS) बनने का गौरव एक बार फिर उत्तराखंड के सपूत को प्राप्त हुआ. पौड़ी जिले के मूल निवासी लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान राष्ट्र के दूसरे सीडीएस बने हैं. इस मौके पर उत्तराखंड मुख्यमंत्री धामी ने ट्वीटर पर पोस्ट करते हुए लिखा
आपको बता दे, 18 मई 1961 को जन्मे लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान 1981 में इंडियन आर्मी की 11 गोरखा राइफल्स में भर्ती हुए थे. वह नेशनल डिफेंस अकेडमी, खडकवासला और भारतीय मिलिट्री अकेडमी, देहरादून के पूर्व विद्यार्थी हैं. जिसके बाद सेना में कमीशन हुए और राष्ट्र की कई साड़ी जरूरी कोर की कमान संभाली. सितंबर 2019 से पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बने और 31 मई 2021 में रिटायर हुए.
मिल चुके हैं कई सम्मान
सेना में उनकी विशिष्ट और बहुत बढ़िया सेवा के लिए, लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) को परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है.
क्या होता है चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ या CDS?
देश का चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, भारतीय आर्म्ड फोर्सेज का मिलिट्री प्रमुख और भारतीय आर्म्ड फोर्सेज की चीफ ऑफ स्टाफ कमिटी का चेयरमैन होता है. चीफ ऑफ डिफेंस एक चार-स्टार जनरल होता है. CDS रक्षा मंत्रालय द्वारा बनाए गए नए विभाग डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स का प्रमुख होता है
सीडीएस की नियुक्ति आर्म्ड फोर्सेज के बीच आवश्यक सामंजस्य लाने के लिए हुई है. इसका उद्देश्य सेना में जॉइंटमैनशिप को बढ़ाना है, जिससे संसाधनों की बर्बादी और फैसला लेने में होने वाली देरी को रोका जा सके. दिसंबर 2019 में जनरल बिपिन रावत राष्ट्र के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त हुए थे