मार्च 2022 में हिंदुस्तान की तरफ से दुर्घटनावश ब्रह्मोस मिसाइल ने पाक की तरफ टारगेट कर दिया था. मिसाइल दागने के बाद मीडिया में खबरे आने लगी की हिंदुस्तान ने पाक पर हमता कर दिया था लेकिन रक्षा मंत्रायल से तुरंत इस बात पर स्पष्टिकरण जारी किया गया कि यह एक हादसा थी.
मार्च 2022 में हिंदुस्तान की तरफ से दुर्घटनावश ब्रह्मोस मिसाइल ने पाक की तरफ टारगेट कर दिया था. मिसाइल दागने के बाद मीडिया में खबरे आने लगी की हिंदुस्तान ने पाक पर हमता कर दिया था लेकिन रक्षा मंत्रायल से तुरंत इस बात पर स्पष्टिकरण जारी किया गया कि यह एक हादसा थी. इस मुद्दे की उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया गया है. अब लगभग चार महीने बाद वायु सेना के तीन ऑफिसरों को मंगलवार को बर्खास्त कर दिया गया है. वायु सेना के तीन ऑफिसरों को नौ मार्च को दुर्घटनावश ब्रह्मोस मिसाइल दागे जाने की घटना की उच्चस्तरीय जांच में उत्तरदायी ठहराया गया था.
ब्रह्मोस मिसाइल हुई थी मिसफायर
ब्रह्मोस मिसाइल मिसफायर घटना के सिलसिले में मंगलवार को भारतीय वायु सेना (IAF) के तीन ऑफिसरों की सेवाएं खत्म कर दी गईं. दुर्घटनावश छोड़ी गयी ब्रह्मोस मिसाइल पाक में गिरी थी. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक न्यायालय ऑफ इंक्वायरी (सीओए) ने इस घटना की जांच में पाया कि तीन ऑफिसरों ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया. उस घटना के बाद, रक्षा मंत्रालय ने गहरा खेद’’ जताया था वहीं पाक ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था. एक आधिकारिक बयान में बोला गया है, ‘‘नौ मार्च को गलती से एक ब्रह्मोस मिसाइल दागी गई थी. इस घटना को लेकर जिम्मेदारी तय करने सहित मुद्दे के तथ्यों को स्थापित करने के लिए गठित न्यायालय ऑफ इंक्वायरी (कर्नल) ने पाया कि तीन ऑफिसरों द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया.’’
तीन वायुसेना अधिकारी बर्खास्त
बयान के अनुसार, इन तीन ऑफिसरों को घटना के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी ठहराया गया है. केंद्र गवर्नमेंट ने उनकी सेवाएं तुरन्त असर से खत्म कर दी हैं. ऑफिसरों को 23 अगस्त को बर्खास्तगी के आदेश दे दिए गए हैं. वायु सेना ने हालांकि उन ऑफिसरों के रैंक और नामों का जिक्र नहीं किया है जिन्हें बर्खास्त किया गया है. लेकिन समझा जाता है कि बर्खास्त ऑफिसरों में एक ग्रुप कैप्टन हैं. रक्षा मंत्रालय ने 11 मार्च को बोला था कि तकनीकी खराबी के कारण नियमित रख-रखाव के दौरान दुर्घटनावश एक मिसाइल चल गई थी और पाक के एक क्षेत्र में गिरी.
उच्चस्तरीय जांच के मिले थे आदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 मार्च को संसद में बोला था कि गवर्नमेंट ने इस घटना को बहुत ही गंभीरता से लिया है तथा हाई लेवल जांच के आदेश दिए गए हैं. घटना के बाद पाक ने इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास के प्रभारी को ‘‘उड़ने वाली भारतीय सुपर-सोनिक वस्तु’’ द्वारा उसके हवाई क्षेत्र के कथित उल्लंघन करने की बात कहते हुए इस बारे में अपना विरोध दर्ज कराया था. पाकिस्तानी सेना ने बोला था कि 124 किलोमीटर की दूरी से एक वस्तु हिंदुस्तान की ओर से पाक के हवाई क्षेत्र में पहुंची थी