श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर के राजौरी में इस वर्ष सेना के शिविर पर एक आतंकी हमले को असफल कर दिया गया था, जब सुरक्षा बलों ने 21 अगस्त को तबारक हुसैन (32) के रूप में पहचाने गए एक आतंकी को पकड़ा था. इससे पहले, 21 अगस्त को चार से पांच आतंकियों ने राजौरी जिले के नौशेरा के झंगर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ की प्रयास की थी .
एएनआई से बात करते हुए 21 अगस्त को राजौरी के नौशेरा सेक्टर में एलओसी के पास एनकाउंटर में पकड़े गए आतंकी तबारक हुसैन ने यह कबूल किया कि, हम 4-5 लोग थे. पाकिस्तानी सेना के कर्नल यूनुस ने हमें भेजा था. उन्होंने हमें पैसे दिए थे. हमें इंडियन आर्मी की 1-2 पोस्ट पर हमला करने को बोला गया था. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के कोटली के सब्ज़कोट गांव के निवासी हुसैन को पिछले छह सालों में दूसरी बार अरैस्ट किया गया था, जब वह इस तरफ घुसपैठ करने की प्रयास कर रहा था. उन्होंने कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना की एक खुफिया इकाई के लिए भी काम किया है.वहीं, ब्रिगेडियर राजीव नायर ने बोला कि, 21 अगस्त को तबारक हुसैन को लाया गया था. उसके पैर और कंधे पर गोली लगी थी. उसकी हालत नाजुक थी. अब उसकी हालत स्थिर है. इसे रिकवर होने में अभी भी कई सप्ताह लग सकते हैं. हमारे पास जो भी आता है, वो रोगी है, हमारा काम रोगी की जान बचाना है हमने वही किया है.
LOC के पास एनकाउंटर में घायल हुए आतंकी पर ब्रिगेडियर कपिल राणा ने बोला कि, तबरक हुसैन पाक के कब्जे़ वाले कश्मीर का निवासी है. वह 2 पूरी तरह से सशस्त्र आतंकियों का नेतृत्व कर रहा था. जो उसके पीछे इन्तजार कर रहे थे लेकिन भागने में सफल रहे. उन्होंने कहा, तबरक हुसैन एक अनुभवी आतंकी गाइड है. तबरक हुसैन को 2016 में उसके भाई के साथ भी गिरफ़्तार किया गया था, जिसे नवंबर 2017 में रिहा किया गया था. तबरक हुसैन का वर्तमान में रजौरी में उपचार हो रहा है, उसे गोली लगी है.
दो आतंकियों के मृत शरीर भी बरामद
भारतीय सेना ने बुधवार को राजौरी में नियंत्रण रेखा के पास मारे गए दो आतंकियों के मृत शरीर भी बरामद किए. खबरों के मुताबिक, सेना ने एक एके राइफल, गोला-बारूद और कुछ पाकिस्तानी करेंसी भी बरामद की है. ऑफिसरों के अनुसार, संदिग्ध आतंकियों के एक समूह ने अंधेरे में सीमा पार से पुखरनी गांव के नौशेरा के लाम क्षेत्र में घुसने की प्रयास की थी.