नई दिल्ली। अमृतपाल के फरार होने के बाद से केन्द्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां अब विदेश में रह रहे खालिस्तानी समर्थकों की सूची तैयार कर रही हैं। ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा है कि अमृतपाल से ध्यान भटकाने के लिए आईएसआई की शह पर भारतीय संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है। ब्रिटेन और कनाडा में मैनचेस्टर, लीड्स, टोरंटो, ब्रिटिश कोलंबिया ऐसे शहर हैं जहां खुफिया एजेंसियों की खास नजर है।
लंदन में हुए भारतीय दूतावास के सामने हुए प्रदर्शन के बाद भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां सावधान हो गई हैं। कहीं अमृतपाल के समर्थक विदेशों में अन्य भारतीय संस्थानों को निशाना बनाने की फिराक में तो नहीं हैं। खासकर विदेशों के गुरुद्वारों को अमृतपाल समर्थक एक ढाल के तौर पर उपयोग कर रहे हैं जहां वो इकट्ठा हों और इसके समर्थन में माहौल बनाएं। यही नहीं इन लोगों में पोस्टर बांटने, सोशल मीडिया पर समर्थन के लिए मेसेज वायरल करने और उसके समर्थकों को गुरुद्वारों तक पहुंचाने में आईएसआई अहम किरदार अदा कर रही है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार यही वजह है विदेशों में प्रदर्शन के दौरान अमृतपाल समर्थक अपना मुंह छुपाए फिरते हैं ताकि उन्हें कोई पहचान न ले।’
सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं लोगों की पहचान
विदेशों में बैठे अमृतपाल के समर्थक जिनको खालिस्तानी आतंकवादियों और आईएसआई से सीधे तौर पर सहायता मिल रही है उनके द्वारा पंजाब में अमृतपाल के समर्थन की बातें पहले भी सामने आई हैं। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब इस ढंग से अमृतपाल के समर्थक विदेश में निकल रहे हैं और भारतीय संस्थानों को निशाना बना रहे हैं।
इनपुट इस बात के भी मिले हैं विदेश में हो रहे इन प्रदर्शनों में काफी बड़ी तादाद उन लोगों की भी है जिन्होंने पंजाब में अमृतपाल की खालसा विहीर यात्रा में सहायता की थी। ऐसे करीब डेढ़ सौ लोग हैं। ऐसे भिन्न-भिन्न राष्ट्रों में जिन लोगों की सूची बनाई गई है वह लगातार हिंदुस्तान में अमृतपाल के समर्थकों के संपर्क में थे। अब खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां इनकी पहचान करने में जुटी हुई हैं ताकि अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार हिंदुस्तान की छवि को हानि पहुंचाने के आरोप में इनके विरूद्ध कार्रवाई हो सके।