Indian Navy: भारतीय नेवी ने बुधवार रात इतिहास रच दिया है। पहली बार मिग-29के लड़ाकू विमान की रात के अंधेरे में स्वदेशी निर्मित युद्धपोत आईएनएस विक्रांत पर लैंडिंग कराई गई। भारतीय नेवी ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया है। बयान में नेवी बोला कि यह नौसेना की आत्मनिर्भरता को लेकर उत्साह का ओर संकेत करता है। नेवी ने मिग-29 की लैंडिंग का एक वीडियो भी ट्वीट किया है। इसके कैप्शन में नेवी ने लिखा, भारतीय नौसेना ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार रात के समय आईएनएस विक्रांत पर मिग-29के लड़ाकू विमान की लैंडिंग की। नेवी ने इसे आत्मनिर्भर हिंदुस्तान की ओर एक कदम बताया।
अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार रात जब आईएनएस विक्रांत अरब सागर की लहरों पर दौड़ रहा था, तब मिग-29 लड़ाकू विमान ने पहली बार उस पर लैंडिंग की। उन्होंने बोला कि रात के समय लैंडिंग का ट्रायल विक्रांत के क्रू और नेवी के पायलट्स के प्रोफेशनलिज्म और क्षमताओं को दर्शाता है।
दरअसल आईएनएस विक्रांत के जंगी बेड़े का अहम हिस्सा है मिग29के लड़ाकू विमान। यह बहुत एडवांस विमान है, जो किसी भी मौसम में उड़ान भरने के योग्य है। आवाज की दोगुनी रफ्तार (2000 किमी प्रतिघंटा) से उड़ने में सक्षम यह विमान अपने वजन से 8 गुना अधिक वॉरलोड ले जा सकता है। यह 65000 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। बता दें कि नेवी के पायलट्स के लिए रात के समय किसी भी एयरक्राफ्ट कैरियर पर प्लेन को लैंड कराना चुनौतीपूर्ण माना जाता है। वह इसलिए क्योंकि उस समय वॉरशिप की स्पीड करीब 40-50 किमी प्रति घंटा होती है और प्लेन की गति से पायलट्स को सामंजस्य बैठाना होता है।
इससे पहले एलसीए तेजस के नेवी वर्जन ने भी आईएनएस विक्रांत पर सफलतापूर्वक लैंडिं