मणिपुर के उस वीडियो ने पूरे हिंदुस्तान को हिलाकर रख दिया जिसमें दो स्त्रियों को नंगा करके मर्दों के समूह ने सड़क पर दौड़ाया, उनको मारा पीटा और बलात्कार किया. शायद आपको मेरी यह भाषा अच्छी न लगे लेकिन शब्दों को बदल कर मैं इस हवस के घाव को कम नहीं करना चाहती.
इंफाल. मणिपुर के उस वीडियो ने पूरे हिंदुस्तान को हिलाकर रख दिया जिसमें दो स्त्रियों को नंगा करके मर्दों के समूह ने सड़क पर दौड़ाया, उनको मारा पीटा और बलात्कार किया. शायद आपको मेरी यह भाषा अच्छी न लगे लेकिन शब्दों को बदल कर मैं इस हवस के घाव को कम नहीं करना चाहती. इस घटना ने जहां इन्सानियत को शर्मसार किया है वहीं इस वारदात का एक सच और है जो आपको झकझोर कर रख सकता है. क्या आपको पता है जिन स्त्रियों के साथ वीडियो में जो कुछ हो रहा है उनमें से एक स्त्री कारगिल के हीरो की पत्नी है? जी हां कारगिल युद्ध में जिन जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर राष्ट्र के लिए युद्ध लड़ा आज राष्ट्र के कुछ हवसी उनकी ही पत्नी की ये दुर्दशा कर रहे है. सोचिए उस फौजी की मनोदशा क्या होगी जिसकी पत्नी के साथ बर्बता हुई. हिंदुस्तान मां की लाज बचाने वाला वो फौजी राष्ट्र में पलने वाले हवसी लोगों से अपने पारिवार को न बचा सका.
कारगिल युद्ध में लड़ने वाले फौजी की पत्नी थी मणिपुर के वीडियो वाली एक महिला…
दो स्त्रियों की नग्न परेड का वीडियो औनलाइन सामने आने के दो दिन बाद, अब यह खुलासा हुआ है कि दोनों पीड़ितों में से एक कारगिल नायक की पत्नी है. एक इंटरव्यू में, नग्न परेड करने वाली दो स्त्रियों में से एक के पति ने इस बात पर अफसोस जताया कि यद्यपि उसने राष्ट्र की रक्षा की, लेकिन वह अपनी पत्नी को अपमानित होने से नहीं बचा सका. उन्होंने एक क्षेत्रीय समाचार चैनल को बताया, “मैंने कारगिल युद्ध में राष्ट्र के लिए लड़ाई लड़ी और भारतीय शांति सेना के हिस्से के रूप में श्रीलंका में भी था. मैंने राष्ट्र की रक्षा की लेकिन मुझे दुख है कि मैं अपनी पत्नी और साथी ग्रामीणों की रक्षा नहीं कर सका.”
देश की रक्षा की लेकिन अपनी पत्नी की हवसी लोगों से रक्षा नहीं कर सका
जनजातीय स्त्रियों के साथ चार मई को हुई इस घटना का वीडियो बुधवार को सामने आया जिसके बाद इसकी देशभर में निंदा की गई.
एक पीड़िता के पति इंडियन आर्मी की असम रेजिमेंट में सूबेदार के तौर पर सेवा प्रदान कर चुके हैं.
पीड़िता के पति ने एक समाचार चैनल को बताया, ‘‘मैंने करगिल युद्ध में राष्ट्र के लिए लड़ाई लड़ी और भारतीय शांति सेना के हिस्से के रूप में श्रीलंका में भी तैनात रहा था. मैंने राष्ट्र की रक्षा की, लेकिन मैं निराश हूं कि अपनी सेवानिवृत्ति के बाद, मैं अपने घर, अपनी पत्नी और साथी ग्रामीणों की रक्षा नहीं कर सका… मैं दुखी और उदास हूं.
उन्होंने बोला कि चार मई की सुबह एक भीड़ ने क्षेत्र के कई घरों को जला दिया, दो स्त्रियों को निर्वस्त्र कर दिया और उन्हें लोगों के सामने गांव की पगडंडियों पर चलने के लिए विवश किया.
पूर्व सैन्यकर्मी ने कहा, ‘‘पुलिस उपस्थित थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की. मैं चाहता हूं कि उन सभी लोगों को कड़ी सजा मिले, जिन्होंने घर जलाए और स्त्रियों को अपमानित किया.’’
वीडियो सामने आने के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को मुद्दे में चार लोगों को अरैस्ट किया गया है.