वाराणसी: अवधेश राय हत्याकांड में माफिया मुख्तार अंसारी दोषी करार दिया गया है. वाराणसी की MP-MLA न्यायालय में माफिया की सजा का घोषणा दोपहर 2 बजे के बाद किया जाएगा. कांग्रेस पार्टी नेता अवधेश राय की 3 अगस्त 1991 में वाराणसी के चेतगंज थाने के लहुराबीर क्षेत्र में मर्डर कर दी गई थी. अवधेश राय के भाई अजय राय ने मुख्तार अंसारी और पांच और लोगो के विरूद्ध केस दर्ज कराया था. इस मुद्दे में माफिया की न्यायालय में पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई थी. माफिया इस समय बांदा कारागार में बंद है.
2005 से कारागार में बंद है मुख्तार
आपको बता दें कि मुख्तार और उसके परिवार पर 96 से अधिक मुकदमा दर्ज हैं. मुख्तार की पत्नी अफशां अंसारी तो 75 हजार की इनामी भी है. सबसे अधिक मुद्दे माफिया मुख्तार के विरूद्ध है. मुख्तार पर हत्या, मर्डर का प्रयास, किडनैपिंग जैसी संगीन धाराओं में 61 मुद्दे दर्ज हैं. मुख्तार अंसारी 2005 से कारागार में बंद है. दूसरे नंबर पर मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां है, जिस पर 10 से अधिक आपराधिक मुद्दे हैं. अफशां फरार है. मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी पर 7 मुद्दे हैं.
मुहम्मदाबाद वाले मुद्दे में बरी हो चुका है माफिया
वहीं इससे पहले 17 मई को गाजीपुर की एमपी एमएलए न्यायालय ने मुहम्मदाबाद क्षेत्र में हुए मर्डर के कोशिश की षड्यंत्र में गुनाह मुक्त करार देते हुए बरी कर दिया. इस मुद्दे में 6 मई को ही बहस पूरी कर ली गई थी, जिसके बाद न्यायालय ने निर्णय सुनाने के लिए 17 मई की तारीख निर्धारित की थी और आज न्यायालय ने मुख्तार को इस मुद्दे में न्यायालय ने बरी कर दिया.
2009 में मुहम्मदाबाद थाने में दर्ज हुआ था केस
बता दें कि साल 2009 में मीर हसन उर्फ मीरकल्लू निवासी चकशाह मुहम्मद उर्फ मलिकपुरा ने मुहम्मदाबाद थाने में सोनू यादव के विरूद्ध मर्डर के कोशिश का मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस ने विवेचना में मुख्तार अंसारी को साजिशकर्ता मानते हुए उनपर धारा 120बी का मुकदमा दर्ज किया था. तब अंसारी कारागार में बंद था. हालांकि इस मुद्दे में मुख्य आरोपित सोनू यादव न्यायालय से बरी हो गया था, जबकि मुख्तार अंसारी के विरूद्ध एमपी-एमएलए न्यायालय में चल रहा था.