वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में बोला कि गवर्नमेंट बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए लक्षित दृष्टिकोण के साथ सभी महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते मूल्य पर उच्च सदन में हुई अल्पकालिक चर्चा का उत्तर देते हुए सीतारमण ने बोला कि कीमतों में वृद्धि की बात से कोई इनकार नहीं कर रहा है
सरकार मुद्रास्फीति से निपटने के लिए जमीनी जानकारी के आधार पर, लक्षित दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है. उन्होंने यह भी बोला कि भारतीय अर्थव्यवस्था अन्य उभरती और कुछ विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर स्थिति में है. वित्त मंत्री ने बोला कि गवर्नमेंट एवं रिजर्व बैंक मुद्रास्फीति को छह फीसदी से नीचे लाने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि गवर्नमेंट ने भारतीय रिजर्व बैंक को खुदरा महंगाई रेट 2 से 6 फीसदी के दायरे में रहने की जिम्मेदारी दी हुई है. सीतारमण ने बोला कि डिब्बाबंद और ‘लेबल’ युक्त खाद्य पदार्थों पर पांच फीसदी GST (वस्तु एवं सेवा कर) लगाने के प्रस्ताव पर GST परिषद में सभी राज्य सहमत थे और किसी ने इसका विरोध नहीं किया.
वित्त मंत्री ने बांग्लादेश, श्रीलंका, पाक द्वारा मांगे जा रहे विदेशी ऋण का हवाला देते हुए बोला कि हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है. वित्त मंत्री ने बोला कि गवर्नमेंट कभी भी चर्चा से नहीं बचती है और हमेशा संसद की चर्चा का उत्तर देने के लिए तत्पर रहती है. उन्होंने बोला कि विकसित और विकसशील राष्ट्रों की अर्थव्यवस्था की तुलना में हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था तुलनात्मक रूप से काफी बेहतर है. उन्होंने बोला कि कीमतें बढ़ी हैं, इससे कोई इंकार नहीं कर सकता.
उन्होंने बोला कि आंकड़ों और धरातल पर लोगों से वार्ता करके ही महामारी के समय से गवर्नमेंट ने एक लक्षित रुख अपना रखा है. वित्त मंत्री ने बोला कि गवर्नमेंट सिर्फ अंबानी और अडाणी के लिए काम कर रही है, ऐसा बोलना महंगाई की चर्चा को सियासी बनाना है. उन्होंने बोला कि हम सभी, राज्यों और संसद सदस्य के रूप में गरीबों की समस्याओं को कम करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि राष्ट्र की आर्थिक बुनियाद मजबूत हैं.
उन्होंने बांग्लादेश एवं पाक के आंकड़े देते हुए बोला कि दोनों राष्ट्र आज अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष सहित विभिन्न संस्थाओं से ऋण मांग रहे हैं.” सीतारमण ने बोला कि GST को लेकर बहुत गलत धारणाएं हैं. उन्होंने बोला कि बैंक चेक से धन निकालने पर कोई GST नहीं लगाया गया है. बैंक जिन आपूर्तिकर्ता से चेक बुक लेता है, उस पर GST लगाया गया है. उन्होंने बोला कि आदमी अपने बैंक के एटीएम से पांच और अन्य बैंक के एटीएम से पांच यानी कुल दस लेनदेन बिना किसी प्रभार के कर सकता है. कुछ बैंकों में यह संख्या तीन है.
जीएसटी के बारे में उन्होंने बोला कि पिछली GST परिषद की 47वीं बैठक चंडीगढ़ में हुई थी और उसमें सभी राज्यों ने GST प्रस्तावों पर सहमति जतायी थी. उन्होंने बोला कि वह इस बात को रिकार्ड में लाना चाहती हैं कि किसी भी राज्य ने उसका विरोध नहीं किया था. उन्होंने कहा, ‘‘पंजीकृत ब्रांड वाली कंपनियों द्वारा छूट का दुरूपयोग किया जा रहा था. GST परिषद ने ऐसी कंपनियों को GST के दायरे में रखा है किंतु गरीबों को ध्यान में रखकर किसी भी गैर ब्रांड वाले उत्पाद पर GST नहीं लगाया गया है.”
वित्त मंत्री ने बोला कि दालों, गेहूं, चावल आटे, सूजी, रवा, पनीर आदि पर GST से पहले केरल सहित विभिन्न राज्यों में कर लगता था. उन्होंने बोला कि महाराष्ट्र में छाछ, दही एवं लस्सी पर छह फीसदी कर लगता था. पश्चिम बंगाल में पनीर पर पांच फीसदी कर लगता था. तृणमूल कांग्रेस पार्टी के नेता डेरेक ओब्रायन ने पश्चिम बंगाल का नाम आने पर प्रबंध का प्रश्न उठाना चाहा जिसके लिए पीठासीन उपाध्यक्ष भुवनेश्वर कालिता ने अनुमति नहीं दी.
अनुमति नहीं मिलने के विरोध में डेरेक ने अपनी पार्टी के सदस्यों के साथ सदन से वाक आउट किया. इस पर सदन के नेता पीयूष गोयल ने बोला कि डेरेक और उनकी पार्टी के इस कदम से साफ हो गया है कि वे महंगाई पर चर्चा चाहते ही नहीं थे. सीतारमण ने बोला कि GST के मुद्दे में श्मशान को लेकर बहुत सारी भ्रामक बातें कही जा रही हैं. उन्होंने बोला कि जलाने और दफनाने पर कोई GST नहीं लगाया गया है बल्कि श्मशान घाट के निर्माण पर GST लगाया गया है