Who is Atiq Ahmed: माफिया डॉन से नेता बने अतीक अहमद को प्रयागराज लाने के लिए यूपी पुलिस की एक टीम अहमदाबाद की साबरमती कारागार पहुंच गई है। साबरमती कारागार में बंद अतीक को उमेश पाल के किडनैपिंग के एक पुराने मुद्दे में वापस प्रयागराज लाया जा रहा है, जिसमें वह मुख्य आरोपी है। अतीक को एक पुलिस वैन में वापस यूपी लाया जाएगा और 1,275 किलोमीटर की सड़क यात्रा के दौरान एक अन्य एस्कॉर्ट वैन उसके साथ जाएगी।इसे लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीति गरमा गई है। विपक्ष के बयानों को लेकर अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तंज कसा है। उन्होंने बोला कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोई रोड इंस्पेक्टर नहीं हैं, जो यह भरोसा दें कि जिस पुलिस वैन में अतीक को लाया जा रहा है, वह पलटेगी नहीं।
अतीक को मर्डर का डर
दरअसल अतीक अहमद को अपनी मर्डर का डर है। वर्ष 2020 में गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया था। कानपुर के बिकरू काण्ड के बाद से वह फरार चल रहा था, जिसके बाद पुलिस ने एनकाउंटर में उसे मार गिराया। कार से निकलकर फरार होते समय विकास दुबे को मारा गया था। अब पुलिस सड़क के रास्ते गैंगस्टर अतीक अहमद को वापस प्रयागराज ला रही है। उसे उत्तर प्रदेश आने में 36 घंटे का समय लग सकता है।
इस बीच सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ गवर्नमेंट पर धावा बोला है। उन्होंने बोला कि मुख्यमंत्री योगी ने अपने मंत्रियों को इस बारे में सूचना दे दी होगी, जिसके बाद वह गाड़ियां पलटने जैसे बयान दे रहे हैं। गिरिराज सिंह ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए बोला कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कारण यूपी में गुंडों और माफियाओं में खौफ भर गया है। वह किसी से रंजिश नहीं पालते हैं। उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को आरोपी बनाया गया है। अतीक गुजरात की साबरमती कारागार में कैद है। जबकि अशरफ बरेली कारागार में बंद है। अब अतीक को साबरमती कारागार से प्रयागराज लाया जा रहा है।