नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस). केंद्र के गरीब-समर्थक और विकास एजेंडे पर जोर देते हुए, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बोला कि गवर्नमेंट ने शासन के विभिन्न पहलुओं की फिर से कल्पना की है और उन्हें फिर से प्रारम्भ किया है.
इकोनॉमिक टाइम्स ग्लोबल बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए, मोदी ने बोला कि शासन का सबसे जरूरी हिस्सा यह रहा है कि केंद्र ने गरीबों के लिए पुनर्कल्पना और पुनर्रचना की थी, भले ही कई लोग बिना किसी पुनर्कल्पना के उसी उत्पाद को फिर से लॉन्च करने में व्यस्त हैं, इनका निशाना कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी पर था.
शिखर सम्मेलन में गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, पहले की सरकारों में लोग माई-बाप कल्चर को पसंद करते थे. यही कारण है कि उस समय गवर्नमेंट और लोगों के बीच दूरी थी. गरीब लोगों के पास बैंक खाते होने चाहिए, और कर्ज मांगने का अधिकार भी होना चाहिए।।उनके पास शौचालय और रसोई गैस तक पहुंच होनी चाहिए. इस तरह के विचार पहले नहीं थे. अब हमारा उद्देश्य गरीबों को सशक्त बनाना है.
उन्होंने कहा, हमारी गवर्नमेंट ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और अन्य योजनाओं के जरिए गरीबों को 28 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं. मोदी ने बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए गवर्नमेंट के पिछले नौ सालों में किए गए विभिन्न विकास कार्यों को सूचीबद्ध करते हुए कहा- जब हम 2014 में सत्ता में आए थे, तब राष्ट्र में स्वच्छता कवरेज 40 फीसदी से कम था. अब, कवरेज बढ़कर 100 फीसदी हो गया है. आजादी के 70 वर्ष बाद तीन करोड़ ग्रामीण परिवारों के पास नल कनेक्शन थे. अब हमने पिछले साढ़े तीन वर्ष में आठ करोड़ ग्रामीण परिवारों को नए नल कनेक्शन दिए हैं.
उन्होंने आगे बोला कि गवर्नमेंट ने पिछड़े जिलों को आकांक्षी जिलों में बदल दिया है. हमने राष्ट्र की बुनियादी ढांचा रणनीति की फिर से कल्पना की है. हम सर्वोच्च अहमियत पर बुनियादी ढांचे की मैपिंग की फिर से कल्पना कर रहे हैं. 128 हवाई मार्ग जो पहले रक्षा के लिए प्रतिबंधित थे अब खोल दिए गए हैं.
उन्होंने बोला कि पिछले नौ वर्ष में मोबाइल निर्माण इकाइयां बढ़ी हैं, इंटरनेट डेटा दरें घटी हैं और पूरे विश्व में 40 प्रतिशत डिजिटल भुगतान हिंदुस्तान में किया जाता है. कर सुधारों पर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि गवर्नमेंट ने कर भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाया है. लोग अब गवर्नमेंट में विश्वास के कारण करों का भुगतान करने के लिए अधिक उत्सुक हैं. जब करदाताओं को यह आश्वासन दिया जाता है कि वे जो कर दे रहे हैं उसका इस्तेमाल राष्ट्र के लिए किया जा रहा है, तो वे अपने करों का भुगतान करने की अधिक आसार रखते हैं. गवर्नमेंट पर भरोसा जताने के लिए मैं जनता का शुक्रगुजार हूं. उन पर हमारा भरोसा ही हम पर उनका भरोसा बढ़ाएगा.
–आईएएनएस
केसी/एएनएम