पूर्व राष्ट्रपति ने दीक्षांत कार्यक्रम में विद्यार्थियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि इन चुनौतियों के बीच नागरिकों को परफेक्ट जानकारी मिले।
प्रगति मैदान के हिंदुस्तान मंडपम में आयोजित दीक्षांत कार्यक्रम के दौरान पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, “आपको तेजी से विकसित हो रही प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग से निपटने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार रहने की आवश्यकता है।”
उन्होंने स्नातक कर रहे विद्यार्थियों से बोला कि आईआईएमसी दिल्ली जैसे संस्थानों से स्नातक करने वाले भावी पत्रकारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हम फर्जी खबरों और गलत सूचना के प्रसार के विरुद्ध लड़ाई लड़ें।
उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक टीआरपी हासिल करने के लिए सनसनीखेज समाचारों की प्रवृत्ति से दूर रहने का भी आग्रह किया और ऐसे शॉर्टकट अपनाने के प्रति आगाह किया और साथ ही सभी से पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि 2047 तक विकसित हिंदुस्तान बनाने की शक्ति युवाओं के हाथों में है और उन्हें इस शक्ति का इस्तेमाल बुद्धिमानी से करना चाहिए।
दीक्षांत कार्यक्रम के दौरान आईआईएमसी-दिल्ली, आईआईएमसी-ढेंकनाल, आईआईएमसी-आइजोल, आईआईएमसी-अमरावती, आईआईएमसी-कोट्टायम और आईआईएमसी जम्मू के 2021-22 और 2022-23 बैच के 700 से अधिक विद्यार्थियों ने स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किए।
साथ ही दोनों बैच के 65 विद्यार्थियों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।