दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आम आदमी पार्टी के लिए झटका है तो वहीं, कांग्रेस पार्टी के लिए सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। ऐसा हाल, आखिर क्यों? चाय की दुकानों से लेकर सोशल मीडिया पर कांग्रेस पार्टी के भविष्य पर बोला और सुना जा रहा है। दिल्ली में कांग्रेस पार्टी पार्टी एक सीट भी नहीं जीत सकी। अब पार्टी के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कांग्रेस पार्टी नेतृत्व पर बड़ा प्रश्न किया है। उन्होंने दिल्ली में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर खुलकर लिखा है।
बिहार के कटिहार से लोकसभा सांसद तारिक अनवर ने एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस पार्टी नेतृत्व से पार्टी की रणनीति, भविष्य की योजना समेत कई बातें साफ करने का तल्ख प्रश्न किया है। बिहार के सांसद की पीड़ा यूं ही नहीं है। अगले कुछ महीने में बिहार में चुनाव हैं और उन्होंने गठबंधन राजनीति पर जो बोला है, उसके अर्थ हैं।
हां, कांग्रेस पार्टी सांसद ने कहा, ‘कांग्रेस को अपनी सियासी रणनीति को साफ करने की आवश्यकता है। उन्हें तय करना होगा कि वे गठबंधन की राजनीति करेंगे या अकेले चलेंगे। साथ ही, पार्टी के संगठन में मूलभूत बदलाव करना भी महत्वपूर्ण हो गया है।‘ तारिक अनवर ने कांग्रेस पार्टी पार्टी को टैग करते हुए यह बात कही है।
बिहार में भी झटका लगेगा?
दरअसल, दिल्ली में कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा का चुनाव अकेले लड़ा था। राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी का प्रदर्शन बहुत निराशाजनक रहा है क्योंकि कांग्रेस पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल सकी। यहां पार्टी को सिर्फ़ 6 प्रतिशत से अधिक वोट मिले। ऐसी आसार है कि दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन का असर बिहार में देखने को मिल सकता है। बिहार में RJD अब कांग्रेस पार्टी को कम सीटें देने की तैयारी में है।
दिल्ली में आठ फरवरी को विधानसभा चुनाव के रिज़ल्ट आए थे। दिल्ली में बीजेपी ने बहुमत हासिल किया है। भगवा दल ने दिल्ली की 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, आम आदमी पार्टी सिर्फ़ 22 सीटों पर सिमट गई।
कांग्रेस के लिए आगे भी परीक्षा
कांग्रेस के लिए एकमात्र सांत्वना यह है कि दिल्ली में उसके मत फीसदी में मात्र 2 प्रतिशत का हल्की सुधार हुआ है। हालांकि यह एक चेतावनी भी है। कांग्रेस पार्टी को अब बिहार विधानसभा चुनाव के लिए कमर कसनी है, जो कुछ ही महीनों में होने हैं। पार्टी बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ गठबंधन में है। कहीं ऐसा न हो दिल्ली का असर बिहार में गठबंधन पर भी पड़े। इतना तो जरूर है कि बार्गेनिंग पावर लालू प्रसाद यादव की पार्टी की बढ़ गई है|