उत्तर प्रदेश। वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर पर टकराव के बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बोला कि ज्ञानवापी परिसर को मस्जिद नहीं बोला जा सकता है। समाचार एजेंसी से वार्ता में मुख्यमंत्री योगी ने कहा, ‘आप इतिहास को तोड़-मरोड़ सकते हैं, लेकिन ऐतिहासिक सबूतों को नहीं।’ इसके साथ ही उन्होंने बोला कि मुसलमान पक्ष को अपनी ‘ऐतिहासिक गलती’ को स्वीकार करना चाहिए और निवारण के लिए प्रस्ताव देना चाहिए।
सीएम योगी ने कहा, ‘अगर हम इसे मस्जिद कहते हैं, तो टकराव होगा। हमें इसे ज्ञानवापी ही बोलना चाहिए। मुझे लगता है कि जिसे ईश्वर ने दृष्टि दी है उसे देखना चाहिए। एक त्रिशूल एक मस्जिद के अंदर क्या कर रहा है? हमने इसे वहां नहीं रखा। अंदर सुरक्षा है, वहां केंद्रीय बल हैं, वहां एक ज्योतिर्लिंग, देव प्रतिमाएं (मूर्तियां) हैं।’ सीएम योगी आदित्यनाथ ने बोला कि मस्जिद के अंदर भौतिक, शास्त्रीय और अन्य पुरातात्विक साक्ष्यों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
‘इतिहास को तोड़-मरोड़ सकते हैं, लेकिन सबूतों को नहीं’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘आप इतिहास को तोड़-मरोड़ सकते हैं, लेकिन ऐतिहासिक सबूतों को नहीं। परिसर के अंदर देवताओं के प्रतीक हैं। दीवारें चिल्ला रही हैं और कह रही हैं और मेरा मानना है कि यह प्रस्ताव मुसलमान समुदाय की ओर से आना चाहिए जो यह स्वीकार करते हैं कि एक ऐतिहासिक गलती हुई है, और हमारा मानना है कि गलती को ठीक किया जाना चाहिए।’
कोर्ट में चल रहा है मामला
उन्होंने बोला कि आशा है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ‘वुज़ुखाना’ (फव्वारा) को छोड़कर, मस्जिद परिसर के अंदर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सर्वेक्षण के लिए निचली न्यायालय के आदेश के विरुद्ध एक याचिका पर निर्णय देगा। याचिका पर 3 अगस्त को निर्णय आने की आसार है। यह मुद्दा तब केंद्र में आया जब पिछले वर्ष 16 मई को न्यायालय द्वारा आदेशित सर्वेक्षण के दौरान, मस्जिद परिसर में हिंदू पक्ष द्वारा “शिवलिंग” और मुसलमान पक्ष द्वारा “फव्वारा” होने का दावा किया गया एक ढांचा पाया गया।
सीएम योगी कहे जो दूसरों को कांटे बोते हैं वह…
इस बीच साक्षात्कार में यूपी के सीएम ने बोला कि वह मुसलमान समुदाय से अपील करेंगे कि ‘आज हमें विकास के बारे में बात करनी चाहिए। हम सब पाक की दुर्दशा देख सकते हैं। जो लोग दूसरों के लिए कांटे बोते हैं, वे स्वयं ही दर्द सहेंगे। आज पाक में जो कुछ भी हो रहा है, वह उनके बोए हुए का रिज़ल्ट है। आज पाक भूख से त्रस्त है और अपने कुकर्मों से जूझ रहा है।’