मालदीव के युवा स्त्री मंत्री का भारतीय पीएम मोदी के बारे में आपत्तिजनक बयान राष्ट्रपति मुइज्जू के गले की फांस बन गया है। हालांकि मोहम्मद मुइज्जू ने इस पूरे टकराव से स्वयं को किनारा करते हुए गुनेहगार मंत्रियों को सस्पेंड कर दिया और स्वयं चीन के दौरे पर निकल गए। मुइज्जू अपने सरगना और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने पहुंचे थे। मुइज्जू से मुलाकात के बाद चीन ने हिंदुस्तान और उसके तनाव का लाभ उठाने की प्रयास की है। उसने अपने मुखपत्र में बोला है कि मालदीव और उसका रिश्ता बराबर का है और वह मालदीव और हिंदुस्तान के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों का भी सम्मान करता है। नयी दिल्ली को खुले दिमाग से सोचने की आवश्यकता है, उसने कभी भी मालदीव को हिंदुस्तान से दूर रहने को नहीं कहा।
चीन के सरकारी मीडिया ने एक संपादकीय में माले के साथ नयी दिल्ली के राजनयिक टकराव का जिक्र किया है। चीनी मीडिया का हिंदुस्तान को लेकर बयान ऐसे समय में आया है जब मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से मिलने और द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर करने के लिए बीजिंग पहुंचे थे। इससे पहले के घटनाक्रमों पर नजर डालें तो मालदीव गवर्नमेंट ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा पर अपने तीन मंत्रियों की “अपमानजनक” टिप्पणियों से स्वयं को दूर कर लिया था और फिर उन्हें निलंबित कर दिया था।