नई दिल्ली: हिंदुस्तान के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के आधिकारिक आवास की मरम्मत में हुए खर्च का स्पेशल ऑडिट करेगा. एलजी वीके सक्सेना (LG VK Saxena) की सिफारिश पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने महालेखा परीक्षक से ऑडिट कराने की स्वीकृति दे दी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल का सिविल लाइंस स्थित घर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के साथ बढ़ते टकराव का केंद्र बिंदु बन गया. जिसके बाद सत्ता पक्ष विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर है.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एलजी हाउस के अधिकारी ने बोला कि हिंदुस्तान के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सिविल लाइन्स स्थित आधिकारिक आवास के नवीनीकरण में कथित प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं की ‘विशेष ऑडिट’ कर रहे हैं. यह कदम केंद्र द्वारा इस संबंध में सीएजी को किए गए निवेदन के बाद उठाया गया है.
हिंदुस्तान टाइम्स की समाचार के अनुसार, दिल्ली की केजरीवाल गवर्नमेंट ने वर्ष 2020 और 2022 के बीच सीएम के आधिकारिक आवास के रेनोवेशन पर लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च किए थे. यह पैसा इंपोर्टेड मार्बल, इंटिरियर जैसे कामों पर खर्च हुआ था.
CAG ऑडिट पर आम आदमी ने कहा?
CAG के स्पेशल ऑडिट को लेकर आम आदमी पार्टी ने बोला कि भाजपा को 2024 के चुनावों में हार की संभावना है इसलिए हताशा की बू आ रही है. आप ने कहा, “पिछले वर्ष भी मुख्यमंत्री आवास के रेनोवेशन खर्च की CAG जांच हो चुकी है. तब भी अनियमितता का कोई सबूत नहीं मिला.”