बिहार के सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने मंगलवार को वामपंथी दलों और दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) सहित विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं से मुलाकात की और बोला कि वह न तो पीएम पद (PM) के दावेदार हैं और न ही इसके लिए इच्छुक हैं बल्कि उनका मकसद बीजेपी (BJP) के विरूद्ध विपक्षी दलों को एकजुट करना है.
नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे को विपक्षी दलों का नेता बनने की उनकी कवायद का हिस्से के रूप में देखा जा रहा है. वह सपा के संस्थापक और वयोवृद्ध नेता मुलायम सिंह यादव, भारतीय राष्ट्रीय लोक दल के ओम प्रकाश चौटाला, राष्ट्रवादी कांग्रेस (राकांपा) के शरद पवार सहित कई अन्य विपक्षी दलों के नेताओं से भी मिलने की आसार है.
वाम नेताओं से मुलाकात के बाद कुमार ने कहा, ‘‘माकपा के साथ मेरे पुराने एवं लंबे संबंध हैं. आप सभी ने नहीं देखा होगा, लेकन मैं जब भी दिल्ली आया इस कार्यालय में जरूर आता था. आज फिर हम सब एकसाथ हैं. हमारा पूरा ध्यान सभी वाम दलों, क्षेत्रीय दलों, कांग्रेस पार्टी को एकजुट करने पर है. हम सभी के साथ आने के बड़े अर्थ होंगे.”
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कुमार ने बोला कि माकपा से उनके संबंध उन दिनों से है जब वह पहली बार सांसद बने थे. पीएम बनने की उनकी महत्वाकांक्षाओं को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा, ‘‘यह गलत है. मैं न तो उस पद का दावेदार हूं और न ही इसको लेकर इच्छुक हूं.” वहीं, येचुरी ने बोला कि कुमार की विपक्षी खेमे में वापसी और बीजेपी के विरूद्ध लड़ाई का हिस्सा बनने की उनकी ख़्वाहिश भारतीय राजनीति के लिए एक जरूरी परिवर्तन है. उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पहली प्रयास विपक्षी दलों को एकजुट करने की है न कि पीएम पद के लिए उम्मीदवार का चयन करने की. जब समय आएगा, हम पीएम पद का दावेदार चुनेंगे और आपको बताएंगे.”
माकपा महासचिव ने बोला कि अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्ययोजना नहीं तैयार की गई है लेकिन वार्ता जारी है. उन्होंने कहा, ‘‘हमें आशा है कि जो सियासी दल राष्ट्र की एकता, विविधता, इसके अनूठे चरित्र और अपने संविधान की रक्षा करना चाहते हैं, सब साथ आएंगे.” राजा ने बोला कि उन्होंने कुमार के साथ राष्ट्र के मौजूदा सियासी घटनाक्रमों पर चर्चा की.
केजरीवाल और नीतीश के बीच मुलाकात के दौरान दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता संजय झा भी उपस्थित थे. इस मुलाकात के बाद केजरीवाल ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘मेरे घर पधारने के लिए सीएम नीतीश कुमार का बहुत-बहुत शुक्रिया. राष्ट्र से संबंधित कई गंभीर विषयों पर चर्चा हुई – शिक्षा, स्वास्थ्य, ऑपरेशन लोटस, इन लोगों द्वारा खुले आम विधायकों की ख़रीद फ़रोख़्त करके जनता द्वारा चुनी सरकारों को गिराना, बीजेपी सरकारों का बढ़ता निरंकुश भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोज़गारी.” दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच करीब 90 मिनट तक वार्ता हुई.
कुमार ने इसके बाद गुरुग्राम जाकर चौटाला से मुलाकात की. भारतीय राष्ट्रीय लोक दल के नेता नफे सिंह राठी ने बोला कि दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि चौटाला ने बिहार के सीएम कुमार को पूर्व पीएम देवीलाल की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया.
जद (यू) के प्रवक्ता के सी त्यागी ने दावा किया कि बीजेपी के विरूद्ध किसी भी गठबंधन में कांग्रेस पार्टी और वाम दलों का होना ‘‘आवश्यक” है. जद (यू) ने सभी विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने के लिए कुमार को अधिकृत किया है. पीएम पद की दावेदारी से जुड़े प्रश्नों को भले ही नीतीश कुमार अधिक तवज्जो नहीं देने की प्रयास करते रहे हों लेकिन उनकी पार्टी में यह धारणा है कि इस समय वह विपक्षी नेताओं में पीएम पद के लिए सबसे योग्य दावेदार हैं क्योंकि उनके पास एक लंबा सियासी अनुभव भी है और उनकी छवि भी साफ सुथरी है