Atique Ahmed Fortification: माफिया अतीक अहमद (Atique Ahmed) और उसकी फैमिली पर बड़ा खुलासा हुआ है। अतीक की फैमिली 8 चक्र के घेरे में रहती थी और ये प्लान अतीक ने बनाया था। अतीक का परिवार क्षेत्र के बीचों-बीच रहता था। इस क्षेत्र में केवल गद्दी समुदाय को ही इजाजत थी। हर दो मकान के बाद सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगवाए गए थे। प्रतिदिन सुबह-शाम ड्रोन से क्षेत्र की नज़र होती थी। आसपास हर 3 मकान के बाद अतीक का एक गुर्गा था। एक ही एंट्री पॉइंट वाले मकानों से पूरा क्षेत्र घिरा था। हथियार, पैसा रखने वाले गुर्गों का परिवार 5 किलोमीटर तक फैला था। आसपास 8-8 घंटे के लिए मुखबिरों की ड्यूटी होती थी।
अतीक हत्याकांड पर 5 बड़े खुलासे
इस बीच, अतीक-अशरफ डबर मर्डर मुकदमा पर बड़ा खुलासा हुआ है। तीनों आरोपियों का पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। सूत्रों के मुताबिक, शूटरों ने A-A नाम से ग्रुप बना रखे थे। ग्रुप में शूटर्स के अतिरिक्त 2 और लोग थे। A-A का मतलब अतीक और अशरफ था। 27 फरवरी से ही शूटर्स रेकी कर रहे थे। मर्डर से पहले व्हाट्सएप ग्रुप बंद किया गया। पुलिस शूटरों के व्हाट्सएप ग्रुप की जांच में जुटी है।
चित्रकूट में बनवाया फर्जी आधार कार्ड
सूत्रों के अनुसार, 3 आरोपियों ने प्लान का नाम ऑपरेशन A-A रखा था। मर्डर के लिए मौके पर 5 शूटर गए थे, इनमें एक क्षेत्रीय था। 3 शूटर बस के जरिए लखनऊ से प्रयागराज आए थे। तीनों आरोपियों ने चित्रकूट से फर्जी आधार बनवाया था। एसआईटी तीनों आरोपियों पर एक और मुकदमा दर्ज कर सकती है।
सबसे पहली बार कब की रेकी?
सूत्रों के हवाले से समाचार है कि तीनों आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उमेश पाल किडनैपिंग काण्ड में प्रयागराज लाए जाने के समय भी दोनों ने अशरफ-अतीक की रेकी की थी। ग्रुप में तीनों शूटरों के अतिरिक्त दो अन्य लोग भी थे। पुलिस की मानें तो एक क्षेत्रीय है तो एक बाहर का है। मर्डर से कुछ घंटे पहले ही व्हाट्सएप ग्रुप बंद कर दिए थे।