तेजू (अरुणाचल प्रदेश), 9 सितंबर (एजेंसी)
सेना के वरिष्ठ ऑफिसरों ने शुक्रवार को बोला कि अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगती सीमा की सुरक्षा कर रही लगभग सभी अग्रिम सीमा चौकियों के पास कम से कम एक बड़ा हेलीपेड होगा, ताकि बहु-उद्देश्यीय चिनूक हेलीकॉप्टरों का उपयोग कर तेजी से सैनिकों और सेना उपकरणों को जुटाया जा सके. ऑफिसरों ने बोला कि अग्रिम चौकियों पर हेलीपेड का निर्माण जोरशोर से चल रहा है और हर 8 से 10 किलोमीटर की दूरी पर ऐसे हेलीपेड बनाने का लक्ष्य है. यह इस क्षेत्र में सेना की युद्ध के लिए तैयार रहने की क्षमताओं को बढ़ाने की कवायद का हिस्सा है. प्रत्येक अग्रिम सीमा चौकी और सेना की टुकड़ियों को असली नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की गतिविधियों पर नज़र को मजबूत करने के लिए ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के साथ जोड़ा जा रहा है और इन सभी के लिए अलग से उपग्रह टर्मिनल होंगे. उन्होंने बोला कि पिछले दो सालों में सेना की टुकड़ियों को नए खतरनाक हथियार, रिमोट द्वारा संचालित विमान प्रणालियां, पथरीले रास्तों पर भी चलने वाले गाड़ी और संचार एवं नज़र उपकरण प्रदान किए गए हैं.