गुजरात के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार को भारी बारिश हुई। भारी बारिश के बीच मौसम विभाग ने बुधवार को आठ जिलों में ऑरेंज अलर्ट और गुजरात के सात जिलों में येलो अलर्ट जारी किया। इसके अतिरिक्त दक्षिण गुजरात के तीन जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अहमदाबाद में सोमवार से भारी बारिश हो रही है, जिससे शहर के कई इलाकों में लोगों को जलजमाव का सामना करना पड़ रहा है। अहमदाबाद में मंगलवार सुबह से करीब आधा इंच बारिश हुई।
सूरत में मौसम विभाग के पूवार्नुमान के अनुसार, गुरुवार तक दक्षिण गुजरात में भारी बारिश की आसार है। सूरत में मंगलवार सुबह से ही भारी बारिश हो रही है। वराछा में मंगलवार सुबह से दो इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि उढाना-लिंबायत क्षेत्र में सोमवार शाम से मंगलवार सुबह छह बजे तक तीन इंच बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण नदियों का पानी खतरे के निशान पर पहुंच गया। लिंबायत का मीठीखाड़ी क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्न हो गया है।
बारिश के कारण प्रदेश में नर्मदा बांध समेत जलाशयों में अभी 74.62 प्रतिशत जल क्षमता मौजूद है। इससे गुजरात में आनें वाले साल के लिए कृषि और पेयजल की परेशानी का निवारण हो जाएगा। गुजरात में मानसून की 85.56 फीसदी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले आठ सालों में 14 अगस्त तक दर्ज की गई सबसे अधिक बारिश है। कच्छ में 137 फीसदी, दक्षिण गुजरात में 95 फीसदी, सौराष्ट्र में 78 फीसदी, उत्तरी गुजरात में 76 प्रतिशत और पूर्वी मध्य गुजरात में 73 प्रतिशत बारिश हुई है।
जिलेवार यदि बात करें तो वलसाड में 91 इंच, डांग में 77 इंच, नवसारी में 70 इंच और नर्मदा में 53 इंच बारिश हुई है। दो तालुका, कपराडा और धरमपुर में 100 इंच से अधिक बारिश हुई है, जिसमें कपराडा में 127 इंच और धर्मपुर में 103 इंच बारिश शामिल हैं। कच्छ, गिर सोमनाथ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, नर्मदा और वलसाड के छह जिलों में 100 फीसदी से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिसमें गिर सोमनाथ में 101 फीसदी के साथ 38.74 इंच बारिश हुई, देवभूमि द्वारका में 100 फीसदी के साथ 28.84 इंच बारिश हुई। पोरबंदर में 110 प्रतिशत बारिश के साथ 33.30 इंच, नर्मदा में 127 प्रतिशत बारिश के साथ 53.26 इंच बारिश हुई है, जबकि वलसाड में 101 प्रतिशत बारिश के साथ 90.94 इंच बारिश हुई।