तिरुवनंतपुरम: केरल के तिरुवनंतपुरम संसदीय क्षेत्र से फिर से चुनाव लड़ रहे 3 बार के कांग्रेस पार्टी सांसद शशि थरूर ने बुधवार को बोला कि यहां कोई त्रिकोणीय मुकाबला नहीं है. इसकी वजह बताते हुए थरूर ने बोला कि उनके विपक्ष में सिर्फ़ भाजपा ही अपने ‘ऊर्जावान’ और ‘पेशेवर’ चुनाव अभियान के साथ चुनौती पेश कर रही है. पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं तिरवनंतपुरम लोकसभा सीट से लगातार 3 बार के सांसद थरूर ने बोला कि LDF द्वारा उसके उम्मीदवार पन्नियन रवींद्रन के लिए किया गया प्रचार अभियान बहुत अधिक असर डालने में सफल नहीं हुआ.
‘मेरे वोट बीजेपी या LDF को नहीं जाएंगे’
बीजेपी द्वारा उसके उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर के लिए अच्छा प्रचार किए जाने का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी नेता ने कहा, ‘इसका मतलब यह नहीं है कि वे जो कुछ भी कहते हैं वह सच है. कई विषयों और मुद्दों पर उन्होंने जो बोला है, वह सच नहीं है. किंतु, यदि लोग इसे सुनने को तैयार हैं, तो हमें इसके विरुद्ध कैंपेन चलाने की आवश्यकता है.’ थरूर से जब तिरुवनंतपुरम में तटीय समुदाय और उनके झुकाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बोला कि उनके वोट वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) या भाजपा को नहीं जाएंगे. बता दें कि थरूर ने पिछले लोकसभा चुनावों में करीब एक लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी.
‘हमारी प्राथमिकताएं वामपंथियों से अलग हैं’
थरूर ने बोला कि लोगों को पता है कि न तो LDF गवर्नमेंट ने अपने 8 साल के कार्यकाल में और न ही पिछले 10 साल में बीजेपी शासित केंद्र ने उनके लिए कुछ किया है. उन्होंने कहा, ‘उनमें से किसी ने भी तटीय समुदाय पर कोई विचार नहीं किया है और इसके बजाय वे यहां के सांसद को गुनेहगार ठहराते हैं. पार्टी का संदेश साफ है, अभी केंद्र में और 2026 में केरल में सत्ता पर कब्जा करना है ताकि तटीय समुदाय की चिंताओं को दूर किया जा सके. हमारी प्राथमिकताएं वामपंथियों से अलग हैं. वे एक जैसी नहीं हैं.’ केरल में 26 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होगा और राष्ट्र भर में मतों की गिनती 4 जून को होगी.