अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में चीन की ताजा घुसपैठ को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी गवर्नमेंट से तीखे प्रश्न पूछे हैं. कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि चीन के कब्ज़ा से हिंदुस्तान की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता को खुलेआम चुनौती दी जा रही है और केंद्र गवर्नमेंट ‘‘मूकदर्शक’’ बनी हुई है. खड़गे ने हिंदुस्तान और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मामले पर राज्यसभा में चर्चा कराने की भी मांग की.
एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए खड़गे ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने बोला कि पीएम मोदी 2014 के बाद 18 बार जिनपिंग से मिले हैं. खड़गे के मुताबिक, पीएम घुसपैठ को लेकर चीन को ‘क्लीन चिट’ भी दे चुके हैं. खड़गे ने लिखा, “हमें हमारी भारतीय सैनिकों पर बहुत गर्व है. पूरा राष्ट्र एकजुट होकर सेना की बहादुरी की प्रशंसा करता है. हम सभी जानते हैं कि अप्रैल 2020 से लगातार चीन हमारे सीमा के अंदर घुसपैठ करने की प्रयास कर रहा है. राष्ट्र की जनता की ओर से हम चीन की घुसपैठ पर संसद में चर्चा चाहते हैं.”
हाल ही में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने खड़गे ने लिखा, “16 जून 2020 को चीनी सैनिकों के साथ झड़प में हमारे 20 बहादुर जवान शहीद हुए. हमारे जवानों ने भी बहादुरी से उन्हें मुंहतोड़ उत्तर दिया.बड़ी संख्या में चीनियों को मार गिराया. 20 जून 2020 को पीएम ने चीन को Clean Chit देकर कहा-“न कोई हमारी सीमा में घुसा और न ही कोई घुसा हुआ है.”
उल्लेखनीय है कि इंडियन आर्मी ने सोमवार को बताया था कि भारतीय और चीनी सैनिकों की तवांग सेक्टर में असली नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट एक जगह पर नौ दिसंबर को झड़प हुई, जिसमें ‘‘दोनों पक्षों के कुछ जवान हल्की रूप से घायल हो गए.’’ पूर्वी लद्दाख में दोनों पक्षों के बीच 30 महीने से अधिक समय से जारी सीमा गतिरोध के बीच पिछले शुक्रवार को इस संवेदनशील सेक्टर (तवांग) में एलएसी पर यांग्त्से के पास झड़प हुई.
इसको लेकर खड़गे ने ट्वीट कर आगे कहा, “मैं जो आपसे बोलना चाहता हूँ वो मेरे नहीं राष्ट्र की जनता के प्रश्न हैं. पीएम मोदी जी, आप 2014 के बाद 18 बार शी जीनपिंग से मिले हैं. 16 बार Military Talks (सैन्य वार्ता) हुई है. ये बताइए कि क्या चीन अप्रैल 2020 से पहले के Status Quo Ante (यथास्थिति) को क्या मानने को तैयार नहीं है?”
उन्होंने कहा, “तवांग, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख – हिंदुस्तान के अभिन्न अंग है. हमारे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पूर्व पीएम सभी वहाँ जाते रहते हैं. इसके बावजूद चीन किस अधिकार से उस इलाक़े में घुसपैठ करना चाहता है? अप्रैल 2022 के बाद की घटनाओं को देखें तो Y Junction देपसांग प्लेन में, पांगोंग त्सो लेक एरिया मे, गोगरा और हॉट स्प्रिंग में भी चीनी घुसपैठ और कब्ज़ा का कोशिश जारी है. जो कि हमारी संप्रभुता और अखंडता पर चोट है. हाल ही में घटित सभी घटनाओं का राष्ट्र को जानने का अधिकार है.”
खड़गे ने कहा, “कभी समाचार आती है कि अरुणाचल प्रदेश में गांव बसा लिया।। कभी देपसांग में दो सौ shelter बना लिए. कभी Military Facility बनाने की समाचार आती है. चीनी सैनिकों की Divisional HQ, Army Garrison, Weapon Shelters for Artillery, Anti- Aircraft Guns लगाने की खबरें आती हैं. ऐसा क्यों है?”
खड़गे ने अंतिम ट्वीट में लिखा, “इसीलिये राष्ट्र की ओर से हम चाहते हैं कि सारी स्तिथि साफ हो. हिंदुस्तान की धरती पर क़ब्ज़ा हम किसी को नहीं करने देंगे. पूरा राष्ट्र इस विषय पर एकजुट है. पर आपको देश को साफ़ – साफ बताना पड़ेगा. गलवान में शहीद हमारे जवानों के लिये, सारे तथ्य बताने चाहिए. संसद में चर्चा करिए. ”
इससे पहले खड़गे ने बोला कि डोकलाम क्षेत्र से भी चीनी कब्ज़ा की इसी तरह की अपुष्ट खबरें आ रही हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यह भी सर्वविदित है कि जून 2017 में डोकलाम गतिरोध के बाद चीन ने बारहमासी सड़कों और बंकरों का निर्माण किया है, जो ‘चिकन्स नेक’ सेक्टर में हमारी सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकते हैं.’’ उन्होंने बोला कि चीनी अतिक्रमणों और उसकी गैर कानूनी गतिविधियों पर सदन में तुरन्त चर्चा की मांग करते हुए कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष ने कहा, ‘‘सरकार को हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के लिए बढ़ते चीनी खतरे के बारे में राष्ट्र को अवगत कराना चाहिए.’’