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कोरोना वायरस ने 2019 से तबाही मचाना शुरू किया और वर्ष 2022 में भी यह थमने का नाम नहीं ले रहा है. दूसरी लहर के दौरान हिंदुस्तान में भी कोरोना वायरस ने वजनी तबाही मचाई थी. हालांकि अब राष्ट्र में कोरोना वायरस की तीसरी लहर की गति धीमी हुई है. लेकिन इस बीच हांगकांग में ओमिक्रोन की मामलों ने वहां के लोगों की चिंता बढ़ा दी है. हांगकांग में कोरोना वायरस ने खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया है. यहां कोविड के रोगीों को उपचार के लिए हॉस्पिटलों में जगह नहीं मिल रहा है. दशा ऐसे हो गए हैं कि रोगीों का उपचार हॉस्पिटल के बाहर रखकर किया जा रहा है.
हांगकांग कर रहा है कोरोना की पांचवी लहर का सामना
हांगकांग में कोरोना जाँच के लिए लोगों को लंबी लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें चाइना की तरह यहां भी जीरो कोविड पॉलिसी का पालन किया गया था. बावजूद इसके इस राष्ट्र के लोगों को बुरे संकट का सामना करना पड़ रहा है. यहां भिन्न-भिन्न हिस्सों में लॉकडाउन लगाया गया है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. हांगकांग की गवर्नमेंट कोविड-19 महामारी की पांचवी लहर से निपटने के लिए संघर्ष कर रही है. हांगकांग में अधिकतर रोगी ओमिक्रॉन से संक्रमित है.
लूनर न्यू ईयर के बाद कोरोना के मामलों में हुई वृद्धि
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले हांगकांग में लूनर न्यू ईयर पर लोगों ने जमकर धमाल किया था. लोगों को भीड़ भाड़ में जमकर मस्ती करते हुए देखा गया था. इसी दौरान जमा हुई भीड़ की वजह से आकस्मित ही हांगकांग में कोरोना के मामलों में तेजी से उछाल इनकमा.
हांगकांग इन दिनों कोविड-19 महामारी के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है. इस महीने दैनिक संक्रमण के मामलों में 60 गुना वृद्धि रेट्ज की गई है. हांगकांग के लोगों को चाइना के शहरों ने प्रवेश देने से इन्कार कर दिया है. इनका कहना है क्वारंटीन में रखना तो दूर हांगकांग के लोगों को राष्ट्र में दाखिल ही नहीं होने दिया जाएगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हांगकांग में 11 गवर्नमेंटी हॉस्पिटल हैं. जहां बेडो की संख्या पहले ही फुल हो चुकी है. यहां इमरजेंसी सेवा भी हाई अलर्ट पर है.