केंद्र गवर्नमेंट की कैबिनेट बैठक में बुधवार को 6,456 करोड़ रुपये की तीन रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई. इसे लेकर पीएम मोदी ने बोला कि नयी रेल परियोजनाओं से ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के लोगों को लाभ होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पोस्ट किया कि तीन नयी परियोजनाओं से चार राज्यों को काफी लाभ होगा. इससे माल का बिना रुकावट परिवहन हो सकेगा. साथ ही यात्रियों के लिए यात्रा आसान होगा. वहीं रेल मंत्रालय ने कहा कि नयी रेल लाइनों से सीधी कनेक्टिविटी कर सुविधा मिलेगी. साथ ही ट्रेनों की रफ्तार में बढ़ोत्तरी होगा. इसके अतिरिक्त मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव से ट्रेनों का सुरक्षित परिचालन आसान होगा और भीड़भाड़ कम होगी. इससे रेलवे के सबसे व्यस्त रेलखंडों का बोझ भी कम होगा.
मंत्रालय ने बोला कि नयी परियोजनाएं व्यापक विकास के साथ क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाएंगीं. तीनों परियोजनाएं पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुसार लोगों, वस्तुओं और सेवाओं के लिए बिना रुकावट सुविधा प्रदान करेंगी. साथ ही चार राज्य ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के सात जिलों को कवर करते हुए भारतीय रेलवे के नेटवर्क में 300 किमी का बढ़ोत्तरी करेंगीं.
रेलवे ने कहा कि परियोजनाओं के अनुसार 14 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे. इससे नुआपाड़ा और पूर्वी सिंहभूमि जिले आपस में जुड़ सकेंगे. नयी रेल लाइनें 1300 गांवों और लगभग 19 लाख जनसंख्या को सुविधा प्रदान करेगी. इनसे कृषि उत्पाद, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, स्टील, सीमेंट और चूना पत्थर का सुरक्षित परिवहन हो सकेगा.
नई रेल परियोजनाएं पर्यावरण के अनुकूल होंगीं. इनसें ऑयल आयात (10 करोड़ लीटर) कम होगा. जबकि कार्बन उत्सर्जन में (240 करोड़ किलोग्राम) कमी आएगी. जो कि 9.7 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है.
अगले पांच सालों में पूरी होंगी सभी स्वीकृत रेलवे परियोजना’
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बोला कि रेलवे ने पिछले एक वर्ष के दौरान मौजूदा नेटवर्क में 5,300 किलोमीटर रेलवे लाइन जोड़ी है. दस वर्ष पहले, रेलवे में निर्माण की औसत गति चार किलोमीटर रोजाना थी. आज, यह 14.5 किलोमीटर रोजाना है. उन्होंने कहा, सभी स्वीकृत रेलवे परियोजनाएं अगले पांच सालों में पूरी हो जाएंगी.