राजनाथ सिंह ने बोला कि यह सब कुछ तब हुआ जब पन्द्रह में से सिर्फ पांच वर्ष ही बीजेपी की गवर्नमेंट केंद्र में थी यानि डबल इंजन का जो पावर है वह रमन सिंह को सिर्फ पांच वर्ष ही मिला. इसके बावजूद उन्होंने छत्तीसगढ को बनाया, सजाया, संवारा और राष्ट्र का एक प्रगतिशील राज्य बनाया.
छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने अपनी ताकत लगाने की शुरूआत कर दी है. आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांकेर में जनसभा को संबोधित किया. अपने संबोधन के जरिए राजनाथ ने कांग्रेस पार्टी पर जबरदस्त ढंग से निशाना साधा. इसके साथ ही उन्होंने बोला कि राज्य में बीजेपी की रमन सिंह गवर्नमेंट ने खूब काम किया लेकिन 2018 के बाद सभी विकास के काम रोक दिए गए. उन्होंने बोला कि मुझे पहली बार छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाकर भेजा गया था. उस समय कांग्रेस पार्टी के कुशासन से छत्तीसगढ़ की जनता जूझ रही थी. तब कांग्रेस पार्टी की हुकूमत थी, अत्याचार, ज़ुल्म था, लोग त्रस्त थे. उस समय कांग्रेस पार्टी के नेताओं के विरूद्ध लोग बोलने की हौसला नहीं करते थे. 2003 के विधानसभा चुनाव के बाद छत्तीसगढ़ की बागडोर बीजेपी के रमन सिंह को सौंपी गई थी और छत्तीसगढ़ का कायाकल्प हुआ.
कांग्रेस ने नहीं किया काम
राजनाथ सिंह ने बोला कि यह सब कुछ तब हुआ जब पन्द्रह में से सिर्फ पांच वर्ष ही बीजेपी की गवर्नमेंट केंद्र में थी यानि डबल इंजन का जो पावर है वह रमन सिंह को सिर्फ पांच वर्ष ही मिला. इसके बावजूद उन्होंने छत्तीसगढ को बनाया, सजाया, संवारा और राष्ट्र का एक प्रगतिशील राज्य बनाया. उन्होंने बोला कि मगर 2018 के विधानसभा चुनावों में आप लोगों ने जनादेश देकर गवर्नमेंट बदल दी क्योकि आप लोगों ने उस समय कांग्रेस पार्टी की कुछ गारंटियों पर भरोसा कर लिया. आप को लगता था कि नयी गवर्नमेंट बनेगी तो काम और तेज होगा. मगर नतीजा उल्टा हुआ. उन्होंने बोला कि जिस तरह से रमन सिंह जी के नेतृत्व में बीजेपी गवर्नमेंट छत्तीसगढ को आगे ले जा रही थी कांग्रेस पार्टी की भूपेश बघेल गवर्नमेंट ने प्रदेश की दिशा ही बदल दी. जबकि केंद्र की मोदी जी की गवर्नमेंट ने छत्तीसगढ के साथ कोई सैतेला व्यवहार नहीं किया. उन्होंने बोला कि घोटालो की लम्बी लिस्ट मेरे पास है. गोठान घोटाला, राशन घोटाला, शराब घोटाला और फिर कांग्रेस पार्टी का पसंदीदा कोयला घोटाला भी छत्तीसगढ़ में हुआ है. छत्तीसगढ़ की गवर्नमेंट ने शराबबंदी का वादा किया, गंगाजल हाथ में ले कर वादा किया. और शराब की होम डिलीवरी प्रारम्भ कर दी. किसानों को ऋण मुक्त करने का वादा किया. वह भी नहीं किया.
दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों का रखा ध्यान
रक्षा मंत्री ने बोला कि अटल बिहारी वाजपेयी ने इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आदिवासी समाज के बहुतायत संख्या वाले दो राज्य छत्तीसगढ और झारखंड का गठन किया. इतना ही नहीं अटल जी ने आदिवासी कल्याण के लिए एक अलग मंत्रालय भी बनाया. उन्होंने बोला कि राष्ट्र के दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के लिए जो प्रतिबद्धता अटल जी के दिल में थी वही प्रतिबद्धता हमारे आज के पीएम मोदी के दिल में भी है. क्या आपने कभी सोचा था कि आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्र की राष्ट्रपति बन सकेगी. आज वह करिश्मा हो गया है. भाइयों बहनों छत्तीसगढ बनाने के पीछे हमारे उस समय के पीएम अटलजी की एक ही मंशा थी कि हमारे आदिवासी भाइयो को जो सैंकड़ो वर्ष से विकास की यात्रा में पिछड़ते रहे है, उन्हें भी आगे आने का मौका मिले.
सबका हो रहा विकास
भाजपा नेता ने बोला कि आज हिंदुस्तान अपनी स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ मना रहा है, तब बस्तर की इस पुनीत माटी से अपने जन, जंगल, जमीन के लिए अंग्रेजों से लड़ते हुए, उनके दांत खट्टे करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीद गुंडाधुर जैसे नायकों का स्मरण आना सहज ही है. उन्होंने बोला कि आज जब हम राष्ट्रीय मंचों से देश निर्माण में आदिवासी समाज के सहयोग की चर्चा करते हैं, तो कुछ लोगों को आश्चर्य होता है. ऐसे लोग यह नहीं समझते कि हिंदुस्तान की संस्कृति को मजबूत करने में आदिवासी समाज का कितना सहयोग है. जबकि हमारे पीएम नरेन्द्र मोदी की गवर्नमेंट में आज आदिवासी क्षेत्रों में भी गरीबों के लिए घर, शौचालय, निःशुल्क बिजली और गैस कनेक्शन, स्कूल, सड़क और निःशुल्क उपचार जैसी सुविधाएं उसी तेजी से मिल रही हैं, जैसी राष्ट्र के बाकी हिस्सों में.
वामपंथी उग्रवाद पर चोट
रक्षा मंत्री ने बोला कि पिछले नौ सालों से वामपंथी उग्रवाद के विरूद्ध जिस तरह का कारगर कार्रवार्इ मोदीजी के नेतृत्व में हुई है, उसके कारण आज वामपंथी उग्रवाद बमुश्किल 10-12 जिलों में ही सिमट गया है. उनमें से कुछ जिले इस छत्तीसगढ़ राज्य में है. उन्होंने बोला कि छत्तीसगढ़ से भी वामपंथी उग्रवाद पूरी तरह खत्म हो गया होता यदि यहां कि प्रदेश गवर्नमेंट ने पिछले चार वर्षों में यहां वामपंथी उग्रवाद के विरूद्ध तत्परता से कारवाई की होती. इसका खामियाजा आज छत्तीसगढ़ की जनता को भुगतना पड़ रहा. वामपंथी उग्रवाद की अनदेखी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ गवर्नमेंट द्वारा धर्मांतरण की जो गतिविधयां चल रही है, उस पर भी कारगर कार्रवाई नही की गई है. बस्तर के भोले भाले आदिवासियों को लोभ और प्रलोभन देकर उनका धर्मांतरण कराना राष्ट्र और समाज के लिए चिंता का विषय है.
हमारी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने बोला कि हम जो कहते हैं वह करते हैं. हमारी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है. हमारे यशस्वी पीएम मोदी बड़ी प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं. उन्होंने बोला कि आज हमारे पीएम मोदीजी को ऑस्ट्रेलिया का पीएम बॉस कह कर बुलाते हैं, अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन उनका ऑटोग्राफ लेना चाहते हैं और पापुआ न्यू गिनी के राष्ट्रपति उनके पैर छू कर आशीर्वाद लेता है. यह पूरे हिंदुस्तान और भारतवासियों यानि आपका सम्मान है.