यूक्रेन पर रूस के हमले का प्रभाव सिर्फ यूक्रेन पर ही नहीं बल्कि रूस पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है. रूस और यूक्रेन (Russia Ukraine War) की जंग में वजनी तबाही हो रही है और रूस के पूंजीपतियों (Russian Billionaires) को भी इसका वजनी हानि हो रहा है. वजह तो युद्ध है ही साथ ही अमेरिका (America) और दूसरे पश्चिमी राष्ट्रों की ओर से रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए उस पर चोट की जा रही है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन (US Prsident Joe Biden)ने कहा है कि रूस के पूंजीपतियों के लग्जरी याट और अपार्टमेंट की पहचान कर उसे बरामद करेंगे.अमेरिकी राष्ट्रपति के इस ऐलान के बाद रूस के पूंजीपति परेशान हैं और वह इससे बचने के तरीका खोजने में जुटे हैं.
लग्जरी क्रूज के लिए सुरक्षित बंदरगाह की तलाश
रूस के अरबपति कारोबारी अपने लग्जरी क्रूज के लिए सुरक्षित बंदरगाह की तलाश में जुटे हुए हैं. ऐसे ही लग्जरी पानी का जहाज दिलबर है और बताया जा रहा है कि इसके मालिक रूसी पूंजीपति एलिशर उस्मानोव हैं. इस लग्जरी पानी के जहाज की लंबाई फुटबॉल मैदान के डेढ़ गुना है और इस पर दो हेलीपैड, 130 लोगों के रहने की स्थान है. इस जहाज को 2016 में तैयार किया गया और इसे तैयार करने में तकरीबन 64.8 करोड़ $ का खर्च इनकमा. अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ निकटी के कारण उस्मानोव पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले ही कह दिया था कि लग्जरी क्रूज, निजी विमान, अपार्टमेंट को बरामद किया जाएगा. रूसी अरबपति वर्षों से अपना पैसा और संपत्ति पश्चिमी गवर्नमेंटों से छिपाते रहे हैं अब उन पर लगाने या बरामद करने की प्रयास कर सकती हैं.
कार्रवाई से घबराए, यहां रखते हैं अपना धन
पिछले हफ्ते ही यह समाचार आई कि दिलबर को बरामद कर लिया है लेकिन हैमबर्ग के आर्थिक मामलों के मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि अब तक ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है. दिलबर केमैन आइलैंड्स के झण्डा के भीतर संचालित होता है और माल्टा में दर्ज़ है, जहां के बैंकों में वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक धनी लोग अपना धन रखते हैं. ब्रिटेन में सुपरयाट का मूल्यांकन करने वाली कंपनी ने 56 सुपरयाट की सूची बनाई है जिन्हें लग्जरी कैटेगरी के अनुसार शामिल किया गया है और 24 मीटर से अधिक लंबे हैं. बताया जाता है कि इनका स्वामित्व क्रेमलिन से जुड़े अरबपतियों के पास हैं. इन पोतों की संयुक्त मूल्य करीब 5.4 अरब $ है.
पाबंदी वाले लोकेशने से दूर जाने की प्रयास
मरीन ट्रैफिक की सहायता से इन सुपरयाट की लोकेशन पता करने की प्रयास हुई और यह पाया गया कि इनमें अधिकतर भूमध्य सागर और कैरिबियाई द्वीप के निकट हैं और कई दूरदराज के पोतों जैसे मालद्वीप या मोंटेनेग्रो के लिए रवाना हो चुके हैं या पहुंच चुके हैं जो संभवत: पश्चिमी पाबंदियों से परे हैं. जर्मनी में निर्मित रूसी पोत ग्रेसफुल, जिसके बारे में बताया जाता है वह पुतिन का है, वह सात फरवरी को ही हैमबर्ग से रवाना हो गया. यानी यूक्रेन पर रूस की सैन्य कार्रवाई से करीब दो हफ्ते पहले वह रवाना हो गया. अब यह पोत रूस के बाल्टिक सागर तट स्थित बंदरगाह कलिनिंग्राड में खड़ा है और पश्चिमी राष्ट्रों के प्रतिबंध से बाहर है.