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हिंदुस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मनमोहन सिंह आज पहली बार पंजाब में हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए एक वीडियो संराष्ट्र जारी किया. कुल मिलाकर देखें तो मनमोहन सिंह वीडियो संराष्ट्र के जरिए नरेन्द्र मोदी सरकार पर कई प्रश्न उठाए. इसी वीडियो संराष्ट्र में मनमोहन सिंह ने नरेन्द्र मोदी सरकार की विराष्ट्र नीति पर प्रश्न उठाया और कहा कि विराष्ट्र नीति के बारे में यह गवर्नमेंट पूरी तरह से असफल साबित हुई है. साथ ही साथ मनमोहन सिंह ने इल्जाम लगाया कि चाइनाी सेना पिछले 1 वर्ष से पवित्र धरती पर कब्जा जमाए हुए हैं लेकिन इस मामले को लगातार दबाने का कोशिश किया जा रहा है. इसी को लेकर अब विराष्ट्र मंत्रालय की ओर से बयान सामने इनकमा है.
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के द्वारा हिंदुस्तान के विराष्ट्र नीति के संरेट्भ में दिए गए बयान पर हिंदुस्तान के विराष्ट्र मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि वह एक पॉलिटिक्सक बयान था न कि किसी नीति के अनुसार दिया गया बयान है. जहां तक चाइना की बात है तो सारी वस्तु़ें साफ हैं कि कैसे स्थिति उत्पन्न हुईं. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि 2020 में हिंदुस्तान और चाइना के बीच गलवान घाटी में विवाद की स्थिति पैदा हुई थी. उसके बाद से दोनों राष्ट्रों के रिश्ते में खटास देखने को मिला है. कांग्रेस पार्टी चाइना के बहाने लगातार हिंदुस्तान गवर्नमेंट पर निशाना साधती है और पीएम मोदी पर हमला करती है.
मनमोहन सिंह ने कहा कि पड़ोसी राष्ट्रों के साथ भी हमारे संबंध गड़बड़ हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि गवर्नमेंट को राष्ट्र के संविधान पर भरोसा नहीं है और ‘‘संस्थाओं को लगातार निर्बल किया जा रहा है.’’ सिंह ने कहा, ‘‘राष्ट्र एक ओर महंगाई और बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है, तो दूसरी ओर पिछले साढ़े सात वर्ष से सत्ता पर काबिज उपस्थिता गवर्नमेंट अपनी गलतियां स्वीकार करने और उनमें सुधार करने के बजाय, लोगों की परेशानीओं के लिए अब भी राष्ट्र के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को गुनाही ठहरा रही है.’’
पूर्व प्रधानमंत्री ने पिछले महीने फिरोजपुर में एक पुल पर पीएम मोदी का काफिला फंस जाने संबंधी सुरक्षा चूक का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री की सुरक्षा के नाम पर (पंजाब के) मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश के लोगों को बदनाम करने की प्रयास की गई. उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान भी पंजाब और पंजाबियत को बदनाम करने का कोशिश किया गया. सिंह ने कहा कि दुनिया पंजाब के लोगों की बहादुरी, देशभक्ति और बलिदान को सलाम करती है, लेकिन देशीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) गवर्नमेंट इन सब के बारे में बात नहीं करती. उन्होंने कहा कि पंजाब से संबंध रखने वाले एक हकीकत्चा हिंदुस्तानीय होने के नाते, ये सभी बातें मुझे बहुत दुखी करती हैं.