राजस्थान परिवहन विभाग बढ़ती हुई सड़क दुर्घटनाओं को लेकर एडवांस प्लानिंग कर रहा है। इस प्लानिंग के अनुसार राज्य की सभी सरकारी विद्यालयों के पाठ्यक्रम में रोड सेफ्टी से जुड़ी जानकारियों को पढ़ाया जाएगा। परिवहन विभाग का मानना है कि यदि बच्चे रोड सेफ्टी की जानकारी विद्यालय से ही लेकर निकलते है तो आने वाले समय में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में कमी आएगी। परिवहन विभाग राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर जुटा है। इसके लिए परिवहन विभाग ने ट्रैफिक पुलिस के साथ सभी विद्यालयों के बच्चों को रोड सेफ्टी को लेकर अवेयर कैंपेन चलाया है।
अब इस कैंपेन से एक कदम आगे जाते हुए परिवहन विभाग राज्य गवर्नमेंट के आदेशानुसार सभी सरकारी विद्यालयों जिनकी संख्या लगभग 65 हज़ार के करीब है, के पाठ्यक्रम में रोड सेफ्टी विषय को शामिल करने जा रही है। सड़क हादसा के मामलों में केवल राजधानी जयपुर के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वर्ष 2021 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 873 थी। यह आंकड़ा इस वर्ष 2022 में बढ़कर अब तक 1066 हो गया है। केवल एक वर्ष में 22 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में परिवहन विभाग की इस पहल से आने वाले समय में सड़क दुर्घटनाओं में कमी देखने की पूरी आशा की जा रही है।
नियमों के चलकर घटा सकते हैं सड़क हादसे
संयुक्त परिवहन आयुक्त, सड़क सुरक्षा निधि सिंह के अनुसार यदि बच्चे स्कूली स्तर पर ही परिवहन, यातायात और सड़क पर चलने के नियमों को समझ सकेंगे तो वो बेहतर ढंग से अपने वाहनों को चला सकते हैं और सड़क दुर्घटनाओं में कमी ला सकते हैं। जब वो वाहन चलाने का लाइसेंस लेंगे जो उन्हें अच्छे ढंग से पता होगा कि वो अपना दुपहिया या चौपहिया गाड़ी सड़क पर कैसे चलाएंगे।
सड़क पर पैदल चलने वालों की भी होगी सुरक्षा
संयुक्त परिवहन आयुक्त के मुताबिक इसके साथ ही वे पैदल चलने वालों का ख्याल रखेंगे। उनको इस बात की बेहतर जानकारी होगी कि वाहन की स्पीड क्या होगी और लाइट सिग्नल को कैसे फॉलो करना है। हालांकि अभी ये योजना पाइपलाइन से बाहर निकल रही है और इसके नतीजे आने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन सड़क हादसों को रोकने की बेहतर सोच से इसकी शुरूआत हो रही है।