अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हिंदुस्तान और चीन के बीच हुई झड़प के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है. वायरल वीडियो में हिंदुस्तान और चीन की सेनाएं भिड़ती दिख रही हैं और भारतीय जवान चीनी सैनिकों को उत्तर देते हुए पीछे खदेड़ रहे हैं. सोशल मीडिया पर यह वीडियो कई यूजर्स ने तवांग में 9 दिसंबर को हुई घटना का बताकर शेयर कर रहे हैं. हालांकि, सेना ने इस वीडियो के नौ दिसंबर के होने से इनकार कर दिया है.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो अभी का नहीं है. संभवत: यह वीडियो पिछले वर्ष का है. यह वीडियो अरुणाचल प्रदेश के तवांग का ही बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि क्लिप में जो दिखाया गया है वह असली नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास यांग्त्से सेक्टर में जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई झड़प के कुछ समय बाद हुआ था. मालूम हो कि गलवान में वर्ष 2020 के मध्य में हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे, जबकि चीन की ओर से भी बड़ी संख्या में सैनिकों की मृत्यु हुई थी. हालांकि, कभी भी चीन ने आधिकारिक रूप से मृतक सैनिकों की संख्या के बारे में जानकारी नहीं दी थी.
दो मिनट 11 सेकंड लंबे इस वीडियो में भारतीय जवान चीनी सैनिकों को पीछे खदेड़ रहे हैं. इस दौरान भारतीय जवानों के हाथों में डंडे और लाठियां हैं, जोकि वे चीनी सैनिकों पर बरसा रहे हैं. चीनी सैनिकों और भारतीय जवानों के बीच विशाल झड़प दिखाई दे रही है. वीडियो में पीछे से जवान पंजाबी में बात कर रहे हैं. वहीं, कुछ मारो, मारो की भी बात कहते हुए सुनाई दे रहे हैं. तवांग में हुई नौ दिसंबर की घटना के बाद कई नेताओं ने इस वीडियो को शेयर किया है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी घटना की पूरी जानकारी
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद में बोला कि चीनी सैनिकों ने पिछले सप्ताह अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर के यांगत्से क्षेत्र में असली नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर यथास्थिति को ‘एकतरफा’ ढंग से बदलने की प्रयास की, लेकिन इंडियन आर्मी ने ”दृढ़ता से” कार्रवाई कर उन्हें पीछे हटने पर विवश कर दिया. सिंह ने लोकसभा और राज्यसभा में समान बयान में बोला कि झड़प में किसी भारतीय सैनिक की मौत नहीं हुई है और न ही कोई भारतीय सैनिक गंभीर रूप से घायल हुआ है. उन्होंने बोला कि इसमें दोनों पक्षों के कुछ कर्मियों को चोटें आई हैं.
‘एक इंच जमीन पर कोई नहीं कर सकता कब्जा’
चीन के साथ सीमा मामले से निपटने के गवर्नमेंट के ढंग पर विपक्ष द्वारा प्रश्न उठाए जाने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संवाददाताओं से बोला कि नरेंद्र मोदी गवर्नमेंट के सत्ता में रहने तक कोई हिंदुस्तान की एक इंच जमीन पर भी अतिक्रमण नहीं कर सकता. सिंह ने अपने बयान में कहा, “नौ दिसंबर को, पीएलए के सैनिकों ने तवांग सेक्टर के यांगत्से क्षेत्र में एलएसी को पार करने और एकतरफा रूप से यथास्थिति बदलने की प्रयास की. चीन की प्रयास का हमारे सैनिकों ने दृढ़ता से मुकाबला किया.” उन्होंने कहा, ”इसके चलते झड़प हुई, जिसमें इंडियन आर्मी ने बहादुरी से पीएलए को हमारे क्षेत्र में घुसपैठ करने से रोका और उसे अपनी चौकियों पर लौटने के लिए विवश कर दिया.”
सीमा पर स्थिति सामान्यत: स्थिर: चीन
इस झड़प पर चीन का बोलना है कि हिंदुस्तान से लगती सीमा पर स्थिति ‘सामान्यत: स्थिर’ है. चीन-भारत सीमा पर स्थिति के संबंध में चीनी विदेश मंत्रालय की टिप्पणी के कुछ घंटों बाद, चीन की सेना ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’ (पीएलए) की पश्चिमी सिनेमाघर कमान के प्रवक्ता वरिष्ठ कर्नल लोंग शाओहुआ ने एक बयान जारी कर दावा किया कि नौ दिसंबर को झड़प उस समय हुई, जब असली नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की तरफ नियमित गश्त कर रहे चीनी सैनिकों को भारतीय सैनिकों ने रोक दिया. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने यहां एक पत्रकार वार्ता में बोला कि दोनों पक्षों ने राजनयिक और सेना चैनलों के माध्यम से सीमा संबंधी मुद्दों पर सुचारू सपंर्क बनाए रखा है. हालांकि, वांग ने यांग्त्से क्षेत्र में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच नौ दिसंबर को हुए संघर्ष का विवरण देने से इनकार किया.