सुप्रीमकोर्ट सोमवार को उस याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमत हो गया जिसमें सीबीएसई तथा अन्य बोर्ड की तरफ से इस साल विद्यालयों में (ऑफलाइन माध्यम से) 10वीं और 12वीं कक्षा की प्रत्यक्ष बोर्ड इम्तिहानएं इनकमोजित नहीं कराने का निवेदन किया गया है. चीफ जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने याचिका को शीघ्र सूचीबद्ध करने के एक एडवोकेट के अभिवेदन पर गौर किया. याचिका में कहा गया था कि Covid-19
महामारी के कारण प्रत्यक्ष इम्तिहानएं इनकमोजित नहीं कराई जानी चाहिए. अधिसमया प्रशांत पद्मनाभन ने कहा, ‘यह कक्षा 10 और 12वीं की बोर्ड परीक्षों के विषय में है. महामारी के दशा के चलते प्रत्यक्ष इम्तिहानएं नहीं कराई जानी चाहिए.‘ इस पर पीठ ने कहा, ‘मामले को यजस्टिस एएम खानविलकर की पीठ के पास जाने दीजिए.‘ अधिसमया ने अधिकार कार्यकर्ता अनुभा श्रीवास्तव सहाय की ओर से दाखिल याचिका का भी जिक्र किया जिसमें सीबीएसई और अन्य बोर्ड को आदेश देने का निवेदन किया गया था, जिन्होंने कक्षा 10 और 12वीं की इम्तिहानएं विद्यालयों में कराने का प्रस्ताव दिया है.