केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पीएम मोदी को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक एवं मिलिट्री अवार्ड से सम्मानित किए जाने को हर भारतवासी के लिए गर्व का क्षण बताते हुए बोला कि पीएम मोदी पहले ऐसे भारतीय नेता हैं, जिन्हें फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक एवं मिलिट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया है. उन्होंने बोला कि यह सम्मान 140 करोड़ भारतवासियों की ताकत, भारतीय नेतृत्व और विश्व में उभरते हुए हिंदुस्तान की शक्ति का प्रतीक है.
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए बोला कि पीएम मोदी को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक एवं मिलिट्री अवार्ड “ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर” से सम्मानित किया जाना हर भारतवासी के लिए गर्व का क्षण है और वे इस उपलब्धि के लिए सभी देशवासियों को शुभकामना देते हैं.
उन्होंने बोला कि पीएम को दिए गए अवार्ड की स्थापना 1802 में हुई थी. यह लगभग 220 वर्ष पुराना अवार्ड है और फ्रांस का सर्वोच्च सम्मान है. केंद्रीय मंत्री ने बोला कि हिंदुस्तान के इतिहास में पीएम मोदी एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्हें विश्व के सबसे अधिक राष्ट्रों से सम्मान प्राप्त हुआ है. विश्व के 14 राष्ट्रों ने पीएम मोदी को अपने राष्ट्र के जरूरी अवार्ड देकर सम्मानित किया है, उनमें से अधिकतर उन राष्ट्रों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान हैं. पांच अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी पीएम मोदी को सम्मान देकर हिंदुस्तान को सम्मानित किया है.
अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों का हवाला देते हुए गोयल ने बोला कि पीएम मोदी आज विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं. दुनिया के राष्ट्रों को विश्वास है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में विश्व की समस्याओं का निवारण होगा, विश्व में अमन-शांति स्थापित होगी और आर्थिक विकास आगे बढ़ेगा. गोयल ने आगे बोला कि अमेरिका हो या रूस, इजरायल हो या फिलिस्तीन, सऊदी अरब हो या यूनाइटेड अरब अमीरात या बहरीन, भिन्न-भिन्न राष्ट्रों ने हमारे पीएम मोदी को अपने प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा है.
फ्रांस ने अपने राष्ट्र की सर्वोच्च नागरिक एवं मिलिट्री अवार्ड से पीएम को सम्मानित किया है. इससे पहले यह अवार्ड दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, यूनाइटेड किंगडम के किंग चार्ल्स, जब वे प्रिंस ऑफ वेल्स थे, जर्मनी की तत्कालीन चांसलर एजेंला मार्केल, यूनाइटेड नेशन के पूर्व सेक्रेटरी जनरल बुतरस घाली जैसे चर्चित लोगों को यह सम्मान दिया गया था.