CBI Diamond Jubilee Celebration: पीएम मोदी ने CBI की डायमंड जुबली कार्यक्रम के अवसर पर केंद्रीय एजेंसी की हौसला अफजाई की। पीएम ने CBI को ‘सत्य, न्याय का ब्रांड’ बताया और बोला कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) न्याय के लिए एक ब्रांड के रूप में उभरा है और इसने आम नागरिक को आशा और ताकत दी है।
केंद्रीय एजेंसी के डायमंड जुबली कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा, “सीबीआई ने आम नागरिक को आशा और शक्ति दी है। लोग CBI जांच की मांग के लिए विरोध प्रदर्शन करते हैं क्योंकि CBI सच्चाई और न्याय के लिए एक ब्रांड के रूप में उभरी है।” सीबीआई की स्थापना 1 अप्रैल 1963 को गृह मंत्रालय, हिंदुस्तान गवर्नमेंट के एक संकल्प द्वारा की गई थी।
अपने संबोधन में पीएम ने बोला कि केंद्रीय एजेंसी का दायरा कई गुना बढ़ गया है लेकिन CBI की मुख्य जिम्मेदारी राष्ट्र को करप्शन मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा, “सीबीआई जैसे पेशेवर और कुशल संस्थानों के बिना हिंदुस्तान आगे नहीं बढ़ सकता है। बैंक फर्जीवाड़ा से लेकर वन्यजीव संबंधी फर्जीवाड़ा तक, CBI के काम का दायरा कई गुना बढ़ गया है, लेकिन CBI की मुख्य जिम्मेदारी राष्ट्र को करप्शन मुक्त बनाना है।”
केंद्र की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए पीएम ने बोला कि करप्शन ने 2014 से पहले की अवधि में हमारी अर्थव्यवस्था और बैंकिंग प्रणाली के आधार को बर्बाद कर दिया था। उन्होंने कहा, “दस पहले करप्शन करने की होड़ लगी थी। उस दौरान बड़े-बड़े घोटाले हुए, लेकिन आरोपी डरे नहीं क्योंकि सिस्टम उनके साथ खड़ा था… 2014 के बाद हमने करप्शन के मूल कारणों करप्शन और काले धन की जमाखोरी के विरूद्ध मिशन मोड में काम किया।”
उन्होंने कहा, “जहां करप्शन होता है, वहां युवाओं को उचित अवसर नहीं मिलते। वहां एक विशेष पारिस्थितिकी तंत्र ही फलता-फूलता है। करप्शन प्रतिभा का सबसे बड़ा शत्रु है और यहीं से भाई-भतीजावाद और परिवारवाद मजबूत होता है।”
प्रधानमंत्री ने बोला कि गवर्नमेंट ने व्यवस्थाओं में अत्यधिक पारदर्शिता सुनिश्चित की है और 2जी और 5जी स्पेक्ट्रम के आवंटन की प्रक्रिया इसके प्रति गवर्नमेंट की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि राष्ट्र में अविश्वास और नीतिगत पक्षाघात का समय था, लेकिन 2014 के बाद से गवर्नमेंट का प्राथमिक लक्ष्य प्रबंध में लोगों के विश्वास को बहाल करना, पोषण करना और मजबूत करना रहा है।
प्रधानमंत्री ने बोला कि पिछले छह दशकों में CBI ने ‘बहुआयामी’ जांच एजेंसी के रूप में पहचान बनाई है। उन्होंने कहा, “सीबीआई का कार्यक्षेत्र आज बड़े पैमाने पर विस्तृत हो गया है; महानगरों से लेकर जंगलों तक, बैंकों से लेकर वन्यजीव संरक्षण तक, CBI लगभग हर पहलू की जांच कर रही है। साथ ही, इस एजेंसी द्वारा साइबर अपराधों से भी निपटा जा रहा है।”
उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि जिन लोगों के विरूद्ध आप कार्रवाई कर रहे हैं वे बहुत ताकतवर हैं, वे सालों से गवर्नमेंट और प्रबंध का हिस्सा रहे हैं। आज भी वे कुछ राज्यों में सत्ता में हैं, लेकिन आपको (सीबीआई) अपने काम पर ध्यान देना होगा।” किसी भी करप्ट आदमी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।”
इस अवसर पर पीएम ने CBI के 18 ऑफिसरों को उनकी विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ जांच ऑफिसरों के लिए तीन ऑफिसरों को स्वर्ण पदक भी प्रदान किया। पीएम ने शिलांग, पुणे और नागपुर में CBI के नवनिर्मित कार्यालय परिसरों का भी उद्घाटन किया। साथ ही एक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने CBI का ट्विटर हैंडल भी लॉन्च किया।