प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में निवेश आमंत्रित करते हुए बृहस्पतिवार को बोला कि Renewable Energy के मुद्दे में राष्ट्र की जो क्षमता है वह सोने की खदान से कम नहीं है. आम बजट 2023-24 में हरित वृद्धि को लेकर की गईं विभिन्न घोषणाओं के संबंध में एक वेबिनार को संबोधित करते हुए पीएम ने बोला कि हिंदुस्तान हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक जरूरी किरदार निभाएगा. मैं सभी हितधारकों को हिंदुस्तान में निवेश के लिए आमंत्रित करता हूं. हिंदुस्तान में सौर, पवन ऊर्जा और बायोगैस जैसी नवीकरणीय ऊर्जा की संभावनाएं किसी सोने की खदान से कम नहीं हैं. गवर्नमेंट का पूरा ध्यान बायो-ईंधन पर केंद्रित है और निवेशकों के लिए अपार अवसर खोले जाएंगे. हिंदुस्तान ने दस प्रतिशत एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित तारीख से पांच महीने पहले ही हासिल कर लिया है और यही नहीं, 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता का लक्ष्य तय तारीख से नौ वर्ष पहले ही प्राप्त कर लिया गया है.
मोदी ने इन बातों पर दिया ध्यान
मोदी ने बोला कि साल 2014 के बाद से जितने भी बजट आए उनमें न सिर्फ वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखा गया, बल्कि नए दौर के सुधारों को भी आगे बढ़ाया गया है. उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान प्रतिवर्ष 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन के उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रहा है और राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन के अनुसार प्राइवेट सेक्टर को 19,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया गया है. आम बजट में वाहनों को कबाड़ में बदलने के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने और 15 साल से भी पुराने करीब तीन लाख सरकारी वाहनों को कबाड़ में बदलने के फैसला का भी उन्होंने इस वेबिनार में जिक्र किया. पीएम ने बोला कि हिंदुस्तान को बैटरी भंडारण क्षमता बढ़ाकर 125 गीगावॉट करनी होगी.