जलवायु बदलाव के कारण असामान्य मौसम की घटनाएं तेजी से हो रही है. इसकी वजह से कृषि क्षेत्र को कई कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. सबसे अधिक ये चुनौतियां अंतरराष्ट्रीय दक्षिण में महसूस की जा रही हैं. यह बात पीएम मोदी ने हैदराबाद में चल रही जी 20 कृषि मंत्रियों की तीन दिवसीय बैठक के लिए एक वीडियो संदेश में यह बात कही.
पीएम ने बोला कि कृषि क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि 250 करोड़ से अधिक लोगों को आजीविका देती है. अंतरराष्ट्रीय दक्षिण के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 फीसदी हिस्सा कृषि का है और यह क्षेत्र 60 फीसदी से अधिक नौकरियां देता है. आज यह क्षेत्र कई चुनौतियों का सामना कर रहा है. महामारी के कारण पैदा हुई आपूर्ति श्रृंखला की बाधा भू-राजनीतिक तनावों के चलते और अधिक बिगड़ गई है.
वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने बोला कि कृषि मानव सभ्यता का केंद्र है, इसलिए कृषि मंत्री के रूप में आपका कार्य सिर्फ अर्थव्यवस्था के एक क्षेत्र को संभालने का नहीं है. आपका कंधे पर इन्सानियत के भविष्य की एक बड़ी जिम्मेदारी है. विश्व स्तर पर करोड़ों लोगों को रोजगार देने वाला यही क्षेत्र है. इसे बचाने के लिए हर संभव कोशिश करने चाहिए.
इतना ही नहीं उन्होंने आगे बोला कि कृषि क्षेत्र में हिंदुस्तान की नीति बैक टू बेसिक्स और मार्च टू फ्यूचर का मिश्रण है. पीएम ने बोला कि प्राकृतिक खेती के साथ-साथ प्रौद्योगिकी आधारित खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. पूरे हिंदुस्तान में किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं. वे सिंथेटिक उर्वरकों या कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. उनका ध्यान धरती माता का कायाकल्प करने पर है.