करीब 6 साल पूर्व केंद्र की मोदी गवर्नमेंट (Modi Government) ने नोटबंदी (Demonetisation) का लिए हुए फैसला को उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने जायजा ठहराया है. उस फैसला का एआईएमआईएम (AIMIM) सम्मान करती है. लेकिन, नोटबंदी का लिया हुआ फैसला पूरी तरह गलत ही था. नोटबंदी से गरीब जनता और छोटे व्यापारी आज भी टूटे हुए ही है. यह बात AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM Chief Asaduddin Owaisi) ने बुधवार को यहां कहीं.
औरंगाबाद से नासिक रवाना होने से पूर्व शहर के चिकलथाना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए ओवैसी ने केंद्र गवर्नमेंट द्वारा लिए हुए नोटबंदी के निर्णय फिर एक बार फिर तंज कसा. उन्होंने बताया कि जब मोदी गवर्नमेंट ने नोटबंदी का फैसला लिया था, तब राष्ट्र की करेंसी 17.97 लाख करोड़ थी. आज वह करेंसी 32.18 करोड़ है, यह आंकड़ा डबल कैसा हुआ? इसका उत्तर गवर्नमेंट को देना चाहिए.
नोटबंदी की सालगिरह पर भाजपा उत्सव क्यों नहीं मनाते?
उन्होंने बोला कि मोदी गवर्नमेंट ने लिया हुआ नोटबंदी का फैसला यदि सचमुच सहीं था तो भाजपा कार्यकर्ताओं को उस दिन उत्सव मनाने चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि यह लिया हुआ फैसला गरीब तबकों को कमजोर कर गया. नोटबंदी के फैसला के बाद 100 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. हिंदुस्तान के पीएम मोदी ने नोटबंदी के समय हंसते हुए बोला था कि गरीब के घर विवाह हो रही है, लेकिन पैसे नहीं है. गरीब तड़प-तड़प कर मर रहा था. नोटबंदी से पहले जीडीपी 8.3 फीसदी थी. 2019-20 में आते-आते वह 4 फीसदी पर जा पहुंची. इस पर ओवैसी ने प्रश्न करते हुए पूछा कि क्या इसके लिए केंद्र की मोदी गवर्नमेंट उत्तरदायी नहीं है. विशेषकर, जब मेक इण्डिया लॉन्च हुआ तब मैन्युफैक्चरिंग में जीडीपी 16 फीसदी थी, आज वह 13 फीसदी पर आ पहुंची है. मैन्युफैक्चरिंग में टोटल नौकरी आधे हुए. नोटबंदी के समय जीडीपी 5.1 करोड़ थी, अब वह 2.7 करोड़ पर आ पहुंची हैं. ऐसे में आए दिन घटते जीडीपी पर भाजपा ने उत्सव मनाना चाहिए. यह तंज ओवैसी ने कसते हुए मोदी गवर्नमेंट पर निशाना साधा. नोटबंदी से आतंकवाद समाप्त होने की बात केंद्र गवर्नमेंट ने कहीं थी. फिर जम्मू हाल ही में आतंकियों ने हमला कर ली 5 लोगों की ली जान पर भी ओवैसी ने केंद्र गवर्नमेंट को घेरा.