बिज़नस न्यूज़ डेस्क, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (पीएम नरेंद्र मोदी) ने अपने ब्रिटिश समकक्ष ऋषि सुनक (ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक) से बात की और इस दौरान व्यापार समझौते को लेकर दोनों राष्ट्रों के बीच चल रही वार्ता को तेज करने पर सहमति बनी. इस दौरान दोनों नेताओं ने उन अवसरों के बारे में चर्चा की जो मुक्त व्यापार समझौता (भारत-यूके एफटीए) हिंदुस्तान और ब्रिटेन दोनों के लोगों और कंपनियों के लिए खुलता है. ब्रिटेन के पीएम कार्यालय (ब्रिटेन पीएमओ) ने यह जानकारी दी है.
वित्त मंत्री ने किया इनकार
भारत और ब्रिटेन के पीएम के बीच यह बात ऐसे समय में हुई है जब खालिस्तान के मामले पर ब्रिटेन के साथ हिंदुस्तान की व्यापार वार्ता (FTA Talks) ठप होने की खबरें सामने आ रही थीं। इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी इसे लेकर टिप्पणी कर चुकी हैं. उन्होंने साफ किया कि किसी भी राष्ट्र के साथ व्यापार वार्ता बंद नहीं हुई है.
एफटीए से दोनों राष्ट्रों को लाभ होता है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ब्रिटिश समकक्ष ऋषि सनक से बात की और दोनों राष्ट्रों के बीच चल रही एफटीए वार्ता को गति देने के लिए लंबित मुद्दों को दूर करने का संकल्प लिया, पीटीआई की एक समाचार ने ब्रिटिश पीएम के कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता के हवाले से कहा. लेकिन सहमत हो गया. दोनों नेताओं का मानना है कि यदि हिंदुस्तान और ब्रिटेन के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता होता है तो इससे दोनों राष्ट्रों के लोगों के साथ-साथ दोनों राष्ट्रों की कंपनियों के लिए कई अवसर खुलेंगे.
इतना व्यापार
यूके के व्यापार और व्यापार विभाग के एक प्रवक्ता ने बोला कि दोनों राष्ट्र एक महत्वाकांक्षी और परस्पर फायदेमंद एफटीए के लिए प्रतिबद्ध हैं. प्रवक्ता ने यह भी बोला कि दोनों पक्षों ने पिछले महीने ही ताजा दौर की वार्ता की थी.