Age Limit Criteria) को सही ठहराते हुए कहा कि दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विसेज (डीएचजेएसई ) के लिए न्यूनतम उम्र 35 साल का क्राइटेरिया दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) द्वारा तय किया जाना संविधान के मुताबिक है। कोर्ट ने आगे कहा कि यह संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एग्जामिनेशन (DJSE) के लिए तय ऊपरी उम्र सीमा 32 साल और दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विसेज एग्जामिनेशन (DHJSE) के लिए तय ऊपरी उम्र सीमा 45 साल में इस साल छूट दी है। ये छूट उन कैंडिडेट को दी गई है जो 2020 और 2021 साल के लिए आवेदन के पात्र थे। लेकिन मौजूदा साल में उम्र की ऊपरी सीमा लागू होगी। संस्थान और कोरोना महामारी के चलते नहीं हो पाई परीक्षा कोर्ट ने कहा कि 2020 में संस्थान के अपने कारण और 2021 में कोविड महामारी (Corona Pandemic) के चलते पेपर नहीं हो पाया था। 2020 और 21 में जो आवेदक पात्र थे उनके लिए उम्र में छूट दी जा रही है लेकिन यह व्यवस्था एक बार के लिए होगी और यह 2022 के इम्तेहान में अति विशेष परिस्थिति में छूट दी जा रही है। लेकिन मौजूदा साल के लिए अब छूट नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो कैंडिडेट जो 2020 और 2021 में एग्जाम देने के लिए पात्रक थे और डीजेएसई के लिए 32 साल की उम्र और डीएचजेएसई के लिए 45 साल उम्र पार नहीं हुई थी उन्हें एक बार छूट दी जा रही है।
जज के लिए न्यूनतम उम्र के क्राइटेरिया को शीर्ष अदालत ने ठहराया सही, दिया अनुच्छेद 233(2) का हवाला
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