Gangster Lawrence Bishnoi Custody: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को दिल्ली की पटियाला न्यायालय में पेश किया. इस दौरान एनआईए ने न्यायालय से सात दिन की रिमांड मांगी, जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया है. इसके साथ ही न्यायालय ने एक शर्त भी रखी है. बोला कि जांच के दौरान मिलने वाले सबूतों को रिकॉर्ड में रखा जाएगा.
जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा की न्यायालय ने एक दिन पहले सोमवार को बिश्नोई को पेश करने का आदेश दिया था. न्यायालय को बताया गया था कि एनआईए पूछताछ के लिए बिश्नोई को दिल्ली लेकर आ रही है. बिश्नोई के साथ पंजाब पुलिस भी थी. पेशी के बाद उसे रिमांड पर भेज दिया गया.
11 अप्रैल को जारी हुआ था वारंट
गैंगस्टर बिश्नोई अभी बठिंडा सेंट्रल कारागार में बंद है. न्यायालय ने उसके विरूद्ध 11 अप्रैल को पेशी के लिए वारंट जारी किया था. लॉरेंस बिश्नोई की वकील ने बताया कि न्यायाधीश ने इस शर्त पर रिमांड मंजूर किया है कि इस जांच के दौरान सामने आए सबूतों को रिकॉर्ड में रखा जाएगा.
दिल्ली में पिछले वर्ष दर्ज हुआ था यूपीए एक्ट के अनुसार केस
बिश्नोई के विरूद्ध 2022 में दिल्ली में राज्य के विरूद्ध युद्ध छेड़ने और अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम यानी यूपीए एक्ट की विभिन्न धाराओं के अनुसार मुकदमा दर्ज किया गया था. यह मामला एनआईए की न्यायालय में लंबित है. चार्जशीट पहले ही पंजीकृत की जा चुकी है. अब बिश्नोई को अन्य आपराधिक मामलों में भी नामजद किया गया है.
उपरोक्त मामला एनआईए न्यायालय के समक्ष लंबित है. आरोपपत्र पहले ही पंजीकृत किया जा चुका है. उन्हें अन्य आपराधिक मामलों में भी नामजद किया गया है.