कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बयान जारी करते हुए बोला था कि कैंसर से पीड़ित उनकी पत्नी बेहतर डाइट लेकर इस खतरनाक रोग से ठीक हो गई हैं। जबकि कैंसर जानकारों ने राज्यसभा के पूर्व सदस्य सिद्धू पर सनसनी फैलाने और लोगों को गुमराह करने का इल्जाम लगाया है। पंजाब के अमृतसर में हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धू ने अपनी पत्नी नवजोत कौर के स्तन कैंसर के उपचार में डाइट का अहम रोल बताया। उन्होंने कहा था कि डेयरी उत्पाद और चीनी न खाकर, खाने में गैप देकर, हल्दी और नीम का सेवन करके उनकी पत्नी कैंसर से बाहर आ गई है।
मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर के चेयरमैन डाक्टर हरित चतुर्वेदी ने आईएएनएस को बताया, “कैंसर कोई ऐसी रोग नहीं है जिसका उपचार किसी एक जादुई नुस्खे से किया सके। कैंसर का इलाज कैंसर के उपप्रकार, विशिष्ट जेनेटिक परिवर्तनों के आधार पर तय किया जाता है। कैंसर किस अंग में है, यह कितनी तेजी से फैल रहा है इस पर भी काफी हद तक निर्भर करता है।”
नेचुरल रेमेडी से नहीं हो सकता कैंसर ठीक
सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी के कंसल्टेंट डाक्टर प्रीतम कटारिया ने कहा, “कैंसर का उपचार कीमोथेरेपी, सर्जरी या रेडिएशन के जरिए होता है। यह उपचार की रीढ़ की हड्डी है। डाइट कंट्रोल के साथ नेचुरल तत्व इसके इलाज की स्थान नहीं ले सकते।”
सिद्धू कर रहे गुमराह
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धू ने खुलासा किया कि उनकी पत्नी के बचने की आसार 5 फीसदी बताई गई थी। हालांकि, उन्होंने साधारण आहार और जीवनशैली के नियमों का पालन करके स्टेज 4 कैंसर पर काबू पा लिया। सिद्धू के वायरल वीडियो के बाद ऑन्कोलॉजिस्ट ने दावा किया कि उन्होंने इस रोग के बारे में लोगों को गुमराह करके समाज को बहुत हानि पहुंचाया है, जो हिंदुस्तान में हर वर्ष 9 लाख से अधिक लोगों की जान लेती है। लिंक्डइन पर पोस्ट किए गए एक ओपन लेटर में, दिल्ली के एम्स में डाक्टर बीआर अंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर हॉस्पिटल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डाक्टर अभिषेक शंकर ने पूर्व क्रिकेटर पर गलत सूचना फैलाने का इल्जाम लगाया।
भारत में हर वर्ष मर रहे कैंसर से 9 लाख लोग
शंकर ने कहा, “जब हिंदुस्तान में कैंसर की देखभाल को बढ़ावा देने के लिए आम जनता के बीच मिथक को दूर करने की बात आती है, तो आप जैसे सार्वजनिक आदमी से बहुत आशा की जाती है। सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, हिंदुस्तान में हर वर्ष 9 लाख से अधिक लोग कैंसर से मर रहे हैं।” वहीं, सीके बिड़ला अस्पताल, दिल्ली में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के निदेशक डाक्टर मंदीप सिंह मल्होत्रा ने आईएएनएस को बताया, “केवल आहार के माध्यम से कैंसर को ठीक करने के दावों में वैज्ञानिक मान्यता का अभाव है। इलाज में एक तरह की डाइट को जगह दिया जाना चाहिए मगर इस रोग के निवारण के रूप में नहीं।”