कांग्रेस ने सुप्रीमकोर्ट द्वारा राजद्रोह के मामलों में सभी कार्यवाहियों पर रोक लगाए जाने की पृष्ठभूमि में बुधवार को बोला कि राष्ट्र की शीर्ष न्यायालय ने यह संदेश दिया है कि सत्ता को आईना दिखाना राजद्रोह नहीं हो सकता. पार्टी ने यह भी बोला कि शीर्ष न्यायालय के आदेश से यह भी साबित हो गया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने राजद्रोह कानून को समाप्त करने का जो वादा किया था वह ठीक रास्ता था.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ”सच कहना देशभक्ति है, देशद्रोह नहीं. सच बोलना राष्ट्र प्रेम है, देशद्रोह नहीं. सच सुनना राजधर्म है, सच कुचलना राजहठ है. डरो मत!” पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ”सत्ता को आईना दिखाना राष्ट्रधर्म है. यह राष्ट्र विरोधी नहीं हो सकता. सुप्रीम कोर्ट ने आज यही साफ संदेश दिया है.” उन्होंने कहा, ”सत्ता के सिंहासन पर बैठे निरंकुश शासक, लोगों की आवाज कुचलने वाले निरंकुश राजा, जनविरोधी नीतियों की आलोचना करने पर लोगों को कारागार में डालने वाले राजा अब जान लें कि जनता खड़ी हो चुकी है, अब जनता को दबाया नहीं जा सकता है.” सुरजेवाला के अनुसार, ”कांग्रेस 2019 में यह कानून समाप्त करना चाहती थी, आज सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था से यह साबित हो गया कि हमारा रास्ता ठीक है.” सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह के मामलों में सभी कार्यवाहियों पर बुधवार को रोक लगा दी और केंद्र एवं राज्यों को निर्देश दिया कि जब तक गवर्नमेंट औपनिवेशिक युग के कानून पर फिर से गौर नहीं कर लेती, तब तक राजद्रोह के आरोप में कोई नयी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाए. प्रधान न्यायाधीश एन। वी। रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की एक पीठ ने बोला कि राजद्रोह के आरोप से संबंधित सभी लंबित मामले, अपील और कार्यवाही को स्थगित रखा जाना चाहिए.