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अंबेडकरनगर जिले की कटेहरी विधानसभा सीट काफी बहुचर्चित हो गई है. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि, इस सीट को लेकर मतदाताओं के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है. इस बार सबसे अधिक चार मंत्री देने वाली इस सीट की जीत पहले गाोसाईगंज शहर और अब इल्तिफात गंज कस्बे के मतदाता तय करते हैं. जानकारी के लिए बता दें कि, कटेहरी विधानसभा सीट हमेशा से बसपा का गढ़ रहा है क्योंकि यह से बसपा को तीन बार जीत मिल चुकी है. उल्लेखनीय है कि, 2017 के चुनाव में भी बसपा ही चुनाव जीत कर आई थी. वहीं भाजपा दूसरे जगह पर बनी रही थी. इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा, बसपा और सपा के बीच एक कड़ा मुकबला देखने को मिल सकता है.
बता दें कि, इस सीट से जनता पार्टी के रविन्द्रनाथ तिवारी, भाजपा से अनित तिवारी, बसपा के धर्मराज निषाद और शंखलाल मांझी को मंत्री बनने का मौका मिल चुका है.
वीआईपी सीट में हुई थी शामिल
वर्ष 2017 में कटेहरी वीआईपी सीटों में शमिल हुई थी जब प्रदेश गवर्नमेंट ते तीन बार मंत्री रह चुके लालजी टंडन वर्मा ने इसे अपनी कर्मभूमि बनाया. बता दें कि, लालजी टंडन अब बसपा छोड़ सपा में शामिल हो चुके हैं.
क्या है प्रमुख मुद्दे
कटेहरी और भीटी को नगर पंचायत का रेट्जा मिलना एक बड़ा मुद्दा है. क्षेत्र के दरबन और श्रवण और दरबन क्षेत्र का विकास होना. परिवहन सुविधा मौजूद कराना भी इस सीट के लिए एक बड़ा मुद्दा है. कटेहरी सीट से बसपा ने प्रतीक पांडे को अपना प्रत्याशी चुना है. सपा से वर्तमान विधायक लालजी वर्मा को चुनावी मैदान पर उतारा है. वहीं भाजपा की गठबंधन के निषाद पार्टी ने इस सीट से अवधेष द्विवेदी को उम्मीदवार बनाया है और कांग्रेस पार्टी ने महिला प्रत्याशी निशात फातिमा को इस सीट से टिकट दिया है जिससे चुनावी लड़ाई और भी रोमाचंक हो गई है.