नयी दिल्ली| कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के मामले में कोविशील्ड, कोवैक्सीन और दोनों के मिश्रण की खुराक ले चुके लोगों में एंटीबॉडी का स्तर छह महीने के बाद घटने लगता है. देशीय विषाणु विज्ञान संजगह (एनआईवी), पुणे के एक शोध से यह इशारा मिला है.
एनआईवी में वैज्ञानिक डॉ। प्रज्ञा यादव ने कहा कि डेल्टा और अन्य चिंताजनक स्वरूप के मामले में पहली खुराक में कोविशील्ड और दूसरी खुराक में कोवैक्सीन दिए जाने पर अच्छे नतीजे मिले. शोध के निष्कर्ष जर्नल ऑफ ट्रैवल मेडिसिन में प्रकाशित किए गए हैं.
शोध के अनुसार तीन श्रेणियों में टीके के असर का आकलन किया गया और परीक्षण के अनुसार सभी लोगों की करीबी तौर पर निगरानी की गई.
शोध से पता चला कि ओमीक्रोन के मामले में टीकाकरण उपरांत बनी प्रतिरोधी क्षमता छह महीने बाद निर्बल होने लगी. इससे टीकाकरण रणनीति में परिवर्तन करने की आवश्यकता पड़ सकती है.