Amarnath Flood: जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को बोला कि अमरनाथ गुफा मंदिर के निकट अचानक आई बाढ़ के बाद प्रारम्भ किया गया बचाव अभियान अब समाप्त हो गया है और किसी आदमी के लापता होने की जानकारी नहीं मिली है. बाढ़ में 15 लोगों की मृत्यु हो गई थी और सभी की पहचान की जा चुकी है.
सिन्हा ने 8 जुलाई को आई बाढ़ के बाद कई लोगों के लापता होने संबंधी खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए बोला कि मंदिर बोर्ड के हेल्पलाइन नंबर पर गुमशुदगी के बारे में लगभग 200 कॉल आई और यात्रियों का पता लगाने में कुछ समय लगा क्योंकि उनके मोबाइल टेलीफोन बंद थे. सिन्हा ने राजभवन में पत्रकारों से कहा, ”15 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हुई है और उन सबकी पहचान की जा चुकी है. 55 लोग घायल हुए हैं और 2 को छोड़कर सभी को उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है.”
8 जुलाई से प्रारम्भ हुआ था बचाव अभियान
उपराज्यपाल ने बोला कि 2 घायलों का SKIMS हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है. प्रशासन सभी राज्यों की सरकारों के संपर्क में है और अब तक किसी भी आदमी के लापता होने की जानकारी नहीं मिली है. उपराज्यपाल ने आगे बोला कि 8 जुलाई को प्रारम्भ बचाव अभियान अब लगभग समाप्त हो चुका है.
बादल फटने से आई थी बाढ़
गौरतलब है कि बीते 8 जुलाई को अमरनाथ गुफा के पास करीब 5 बजे बादल फटने की समाचार सामने आई थी. जिसमें कई श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई और कई लोग लापता हो गए थे. गुफा के पास जैसे ही दुर्घटना हुआ सेना ने तुरंत मोर्चा संभाला. जिसके बाद ITBP, CRPF, NDRF, SDRF की टीमों ने लोगों का रेस्क्यू करना प्रारम्भ कर दिया था. घायलों को तुरंत एयरलिफ्ट कर के हॉस्पिटल पहुंचाया गया. जब यह घटना हुई तब मौके पर करीब 12 हजार यात्री उपस्थित थे. अमरनाथ की गुफा के नीचे शाम साढ़े 5 बजे के करीब बादल फटा था.