कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी शुक्रवार को बेंगलुरु में थे. यहां उन्होंने पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए कर्नाटक गवर्नमेंट को राष्ट्र की सबसे करप्ट गवर्नमेंट करार दिया. उन्होंने इल्जाम लगाया कि भाजपा वित्तीय हस्तांतरण प्रणाली पर कार्य कर ही है. वह गरीबों से पैसा लेकर राष्ट्र के चुनिंदा धनी कारोबारियों को दे रही है.
राहुल ने कर्नाटक को पार्टी का स्वारेटिक प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां हमेशा कांग्रेस पार्टी के समर्थन की भावना रही है. हमारे मन में बहुत साफ होना चाहिए कि हमें 150 से कम सीटें नहीं मिलेंगी. हम कर्नाटक को फिर से विकास के पथ पर लाएंगे. कांग्रेस पार्टी नेता ने कहा कि कर्नाटक में कौन कार्य कर रहा है, यह पता लगाना बहुत सरल है. हमें हमारे टिकट कार्य के आधार पर तय करना चाहिए. यह देखना चाहिए कि कौन जाहीरि पार्टी के लिए कार्य कर रहा है. हमें कांटे की भिड़न्त के लिए चुनाव नहीं लड़ना है, बल्कि गवर्नमेंट बनाने के लिए निर्णायक तरीका से लड़ना है.
प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर आए राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष डीके शिवकुमार, विपक्ष के नेता सिद्धारमैया और प्रदेश के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मीटिंग की.
2023 में होंगे विधानसभा चुनाव, वजनी उठापटक वाला प्रदेश है कर्नाटक
कर्नाटक में 2023 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पूर्व 12 मई 2018 को चुनाव हुए थे. इसमें भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी, लेकिन बहुमत के लिए उसे 9 सीटें और चाहिए थी. इसी बीच 80 सीटों पर जीती कांग्रेस पार्टी और 37 सीटें जीतने वाली जेडीएस ने गठबंधन का एलान कर लिया था, लेकिन गवर्नर वजूभाई वाला ने 17 मई को बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी थी. हालांकि वह 19 मई को विश्वास मत साबित करने में विफल रहे और उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद प्रदेश में जेडीएस नेता कुमारस्वामी के नेतृत्व में गठबंधन गवर्नमेंट बनी थी, बागियों के कारण उनकी गवर्नमेंट भी गिर गई थी. इसके बाद 26 जुलाई 2019 को फिर येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बने थे. हालांकि जुलाई 2021 में येदियुरप्पा को भी भाजपा ने हटाकर बसवराज बोम्मई को मुख्यमंत्री बनाया. बोम्मई अभी प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं.